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Friday, January 23, 2026

खत्म होगी रूस-यूक्रेन जंग? ट्रंप के विशेष दूत और दामाद संग क्रेमलिन में पूरी रात चली पुतिन की बैठक

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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत और दामाद संग यूक्रेन मसले पर लंबी चर्चा की है। पुतिन ने इस बीच जोर देकर कहा है कि शांति समझौते तक पहुंचने के लिए क्षेत्रीय मुद्दे को हल करना जरूरी है। रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है। अमेरिका की ओर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि जंग खत्म हो। अमेरिकी राष्ट्रपति कई मौकों पर 8 जंग रुकवाने के दावे करते रहे हैं लेकिन चुनाव के दौरान जो वादा किया था उसे अभी तक पूरा नहीं कर सके हैं। ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान कई मौकों पर कहा था कि राष्ट्रपति बनने के बाद वो रूस और यूक्रेन की जंग रुकवा देंगे। अब ट्रंप को राष्ट्रपति बने एक साल बीत गया है लेकिन जंग नहीं रुकी है।मॉस्को में हुई वार्ता
इस बीच दावोस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की स्थापना का औपचारिक ऐलान किया है। यह बोर्ड मुख्य रूप से गाजा में स्थायी शांति और पुनर्निर्माण के लिए बनाया गया है। भले ही यह बोर्ड गाजा के लिए बना हो लेकिन इसका प्रभाव रूस और यूक्रेन जंग में पड़ना स्वाभाविक है। इस पूरी कवायद के बीच रूस की राजधानी मॉस्को में अमेरिका और रूस के बीच लंबी वर्ता हुई है।
पुतिन ने फिर साफ किया रुख
अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर क्रेमलिन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिले है। रात भर चली इस बैठक का मुख्य मुद्दा यूक्रेन के साथ चार साल से चल रहे युद्ध को समाप्त करना था। इस दौरान पुतिन ने साफ किया है कि कोई भी समझौता तभी संभव है, जब रूस के नियंत्रण वाले क्षेत्रों (जिनमें क्रीमिया और पूर्वी यूक्रेन के कुछ हिस्से शामिल हैं) को मान्यता दी जाए और यूक्रेन वहां से अपनी सेना हटा ले। यूक्रेन के लिए यह शर्त स्वीकार करना बेहद मुश्किल है।
‘समस्या अभी अनसुलझी है’
क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने भी दोहराया कि वार्ता में रूस ने साफ कर दिया है कि नियंत्रित क्षेत्रों की मान्यता के बिना स्थायी समाधान असंभव है। यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब गुरुवार को ही जेलेंस्की ने दावोस में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात की थी। उन्होंने वहां भी पूर्वी यूक्रेन पर रूस के कब्जे का मुद्दा उठाया और कहा कि यह समस्या अभी अनसुलझी है।
‘पुतिन की दया पर छोड़ दिया गया’
अमेरिका की ओर से किए जा रहे शांति प्रयासों के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की बार-बार दोहरा चुके हैं कि वो अपने किसी भी क्षेत्र को नहीं छोड़ेंगे। जेलेंस्की ने हाल ही में कहा था कि रूस के हमलों के जवाब में यूरोप या अमेरिका से पर्याप्त मदद नहीं मिल रही, और हालात ऐसे हैं कि उन्हें पुतिन की दया पर छोड़ दिया गया है।
UAE में हो रही है अहम बैठक
इस बीच, शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय बैठक हो रही है, जिसमें रूस, यूक्रेन और अमेरिका के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह युद्ध शुरू होने के बाद पहली ऐसी बैठक है जहां तीनों पक्ष एक साथ बैठे हैं। रूस-यूक्रेन संघर्ष 2014 में शुरू हुआ था, जो 2022 में पूर्ण पैमाने पर युद्ध में बदल गया। रूस ने यूक्रेन के लगभग 20 प्रतिशत क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है। यूक्रेन की स्थिति भी फिलहाल कमजोर है। हथियार उत्पादन के लिए धन की कमी है और पश्चिमी मदद सीमित हो गई है।

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