हाथरसगेट क्षेत्र के मूंगसा गांव में पुश्तैनी जमीन के मुआवजे को लेकर परिवार में बड़ा विवाद सामने आया है। गुड़गांव, हरियाणा में काम करने वाले प्रमोद शर्मा ने अपने ही पिता और भाई पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के बदले मिले करीब 80 लाख रुपये में उनके हिस्से की रकम हड़प ली गई।
प्रमोद शर्मा, पिता धनपतलाल के बड़े बेटे हैं। परिवार में उनके अलावा तीन छोटे भाई प्रकाश चंद, नवनीत और रमाकांत हैं। जानकारी के अनुसार, गांव मूंगसा स्थित पुश्तैनी जमीन सरकार द्वारा सड़क परियोजना के तहत अधिग्रहित की गई थी, जिसके एवज में धनपतलाल को लाखों रुपये का मुआवजा मिला। आरोप है कि यह पूरी संपत्ति पैतृक होने के बावजूद मुआवजे की राशि का उचित बंटवारा नहीं किया गया।
प्रमोद शर्मा का कहना है कि उनके हिस्से का पैसा छोटे भाई नवनीत ने अपने पास रख लिया। वहीं, पिता धनपतलाल ने भी अन्य तीनों बेटों के साथ अन्याय करते हुए पूरी राशि का पारदर्शी तरीके से वितरण नहीं किया। उनका आरोप है कि जमीन की कीमत लाखों में थी, लेकिन चेक सीधे नवनीत के नाम काट दिए गए, जिससे बाकी भाइयों को उनका हक नहीं मिल पाया।
परिवार की स्थिति भी इस विवाद को और उलझाती है। जहां प्रमोद शर्मा और सबसे छोटे भाई रमाकांत अविवाहित हैं, वहीं प्रकाश चंद का वैवाहिक जीवन चल रहा है और नवनीत अपने परिवार के साथ गांव में रहता है। रमाकांत पेशे से ड्राइवर है और वह भी इस मामले में अपने अधिकार को लेकर असमंजस में है।
प्रमोद शर्मा ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पैतृक संपत्ति में सभी भाइयों को उनका कानूनी अधिकार दिलाया जाए। उनका कहना है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला, तो वे उच्च अधिकारियों और न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों के अनुसार, यह मामला अब गांव में चर्चा का विषय बन चुका है और परिवार के भीतर बढ़ता तनाव किसी बड़े विवाद का रूप ले सकता है। प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
