केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के 4 निजी सचिवों को हटा दिया गया है। इनमें से दो सचिव की सेवाएं खत्म कर दी गई हैं। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।
केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्री भूपेंद्र यादव के 4 निजी सचिवों को एक साथ हटा दिया गया है। भूपेंद्र यादव के मुख्य निजी सचिव अमर सिंह को हटाकर उनके मूल कैडर में भेज दिया गया है। इसके अलावा भूपेंद्र यादव के अतिरिक्त मुख्य सचिव शैलेश कुमार सिंह को समय से पहले ‘एक्सटेंडेड कूलिंग ऑफ’ के साथ उनके मूल विभाग में वापस भेजा गया है। वहीं, अतिरिक्त निजी सचिव आयुष सारण और सहायक निजी सचिव सिद्धार्थ यादव की सेवाएं तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।
कांग्रेस ने उठाए सवाल?
भूपेंद्र यादव से जुड़े अब इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। बताया जा रहा है कि ये फैसला इसलिए लिया गया है कि ताकि बाकी मंत्रालय के स्टाफ भी सचेत हो जाएं। इस बीच कांग्रेस ने सरकार से सवाल शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पोस्ट करके सरकार पर सवाल उठाए हैं।
जयराम रमेश ने लिखा- “ये किसी से छिपा नहीं है कि मोदी सरकार में इस तरह की नियुक्तियां कैसे की जाती हैं। क्या बिना आग के इतना धुआं उठ सकता है?” जयराम रमेश ने एक और पोस्ट लिखा और कहा- “भूपेंद्र यादव के मंत्रालय में शासन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है..मंत्रालय पर्यावरण और वनों की रक्षा करने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के मामले में लगभग पूरी तरह विफल रहा है।”
किन 4 अधिकारियों पर गिरी गाज?
निजी सचिव अमर सिंह मूल कैडर भेजे गए
अतिरिक्त मुख्य सचिव शैलेश सिंह मूल विभाग में भेजे गए
अतिरिक्त सचिव आयुष की सेवाएं समाप्त
सहायक सचिव सिद्धार्थ यादव की सेवाएं समाप्त
