बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के कादरचौक थाना क्षेत्र की रहने वाली रजनी ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय और आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है। पीड़िता का कहना है कि शादी के नौ वर्ष बीत जाने के बाद भी उसे पत्नी का सम्मान नहीं मिला। आरोप है कि जब उसका बेटा लोकेश मात्र छह महीने का था, तभी पति मनोज उसे तीनों बच्चों सहित मायके छोड़कर चला गया। तब से वह अपने बच्चों का पालन-पोषण करने के लिए संघर्ष कर रही है।
रजनी ने बताया कि उसकी शादी को करीब नौ साल हो चुके हैं और उसके तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी शिवानी की उम्र लगभग सात वर्ष है, दूसरी बेटी गौतमी और सबसे छोटा बेटा लोकेश है। पति के छोड़कर चले जाने के बाद से बच्चों की परवरिश और पढ़ाई-लिखाई की पूरी जिम्मेदारी उसके कंधों पर आ गई है। आर्थिक तंगी के कारण बच्चों का भविष्य भी संकट में पड़ गया है।
पीड़िता का कहना है कि उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है। मायके में केवल उसकी मां प्रवेश कुमारी और छोटे भाई हैं। ऐसे में पूरे परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। रजनी का आरोप है कि ससुराल पक्ष न तो बच्चों के पालन-पोषण के लिए कोई खर्च देता है और न ही उनकी पढ़ाई में कोई सहयोग करता है।
रजनी ने बताया कि उसने अपने अधिकारों के लिए ससुराल पक्ष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की थी। इसके बाद से उसकी मां प्रवेश कुमारी को भी कथित रूप से धमकियां दी जा रही हैं। पीड़िता का आरोप है कि ससुराल पक्ष लगातार केस वापस लेने का दबाव बना रहा है और नए मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहा है, जिससे पूरा परिवार भय के साये में जीने को मजबूर है।
पीड़िता ने प्रदेश और केंद्र सरकार से भावुक अपील करते हुए कहा है कि उसकी आवाज प्रशासन तक पहुंचाई जाए। उसने आर्थिक सहायता, बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था, सुरक्षा और मामले में निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि वह अपने बच्चों के साथ सम्मानपूर्वक जीवन जी सके।
फिलहाल मामले में संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। समाचार में प्रकाशित आरोप पीड़िता के बयान पर आधारित हैं। मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक एवं कानूनी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
