फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश)। जिले के बल्लूपुरा क्षेत्र में मानवता और भाईचारे की मिसाल पेश करने की कोशिश एक परिवार के लिए दर्दनाक हादसे में बदल गई। 24 जुलाई 2026 को नहर में हुए हादसे के बाद 21 वर्षीय युवक सुमित पुत्र रामजीलाल का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। परिजन लगातार प्रशासन से खोज अभियान तेज करने और युवक को जल्द से जल्द तलाशने की मांग कर रहे हैं। घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में चिंता का माहौल बना हुआ है।
परिजनों के अनुसार, बड़े भाई अनिल (करीब 30 वर्ष) नशे की हालत में थे। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वह बल्लूपुरा गांव स्थित धर्मशाला हॉस्पिटल के पास नहर में जा गिरे। भाई को डूबता देखकर छोटा भाई सुमित उम्र 21 बिना अपनी जान की परवाह किए उसे बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों की मदद से अनिल को तो बाहर निकाल लिया गया, लेकिन सुमित तेज बहाव में लापता हो गया।
परिवार का कहना है कि घटना के बाद से लगातार सुमित की तलाश की जा रही है, लेकिन अब तक उसका कोई पता नहीं चल सका है। परिजन प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं कि खोज एवं बचाव अभियान को और तेज किया जाए ताकि सुमित का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके। परिवार का आरोप है कि समय बीतने के साथ उनकी चिंता बढ़ती जा रही है और उन्हें हर पल किसी अनहोनी का डर सता रहा है।
बताया गया है कि पीड़ित परिवार वर्तमान में बल्लूपुरा गांव में किराए के मकान में रह रहा है। घटना के बाद घर में मातम जैसा माहौल है। परिजन प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों से लगातार संपर्क कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि गोताखोरों तथा राहत टीमों की मदद से नहर में व्यापक स्तर पर तलाश अभियान चलाया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुमित ने अपने भाई की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी। अब पूरा क्षेत्र प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठा है कि लापता युवक का जल्द से जल्द पता लगाया जाएगा और परिवार को राहत मिलेगी। फिलहाल पूरे मामले में खोज अभियान जारी है और परिजन हर आने-जाने वाले से अपने बेटे और भाई की तलाश में मदद की अपील कर रहे हैं
