रायगढ़ जिले के उरण क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। द्रोणागिरी निवासी पाणीपुरी व्यवसायी चंद्रिका रामबदन गुप्ता ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2021 में ब्रेड की सप्लाई को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक हमले में बदल गया। पीड़ित का कहना है कि आरोपी विघ्नेश पाटील ने पहले उनके कर्मचारी पर बांस से हमला किया और बाद में स्टील की रॉड से उन पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उनके बाएं हाथ की हड्डी टूट गई। उनका आरोप है कि वर्षों बीत जाने के बावजूद उन्हें अब तक पूर्ण न्याय नहीं मिला है और पूरा परिवार भय के माहौल में जीवन जीने को मजबूर है।
पीड़ित चंद्रिका रामबदन गुप्ता ने बताया कि वह द्रोणागिरी स्थित होटल द्वारका के पास पाणीपुरी का व्यवसाय करते हैं। उन्होंने सैंडविच का नया कारोबार शुरू करने के लिए 24 नवंबर 2021 को विघ्नेश पाटील से ब्रेड की सप्लाई का ऑर्डर दिया था। आरोप है कि अगले दिन जब ब्रेड दुकान पर पहुंची तो परिस्थितिवश ऑर्डर स्वीकार नहीं किया गया। इसी बात से नाराज होकर आरोपी कथित रूप से दुकान पर पहुंचा और वहां काम कर रहे कर्मचारी अजय प्रजापति के सिर पर बांस से हमला कर दिया, जिससे उसके सिर से खून बहने लगा।
पीड़ित का आरोप है कि घटना की जानकारी देने के लिए जब वह आरोपी के बड़े भाई के कार्यालय पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद विघ्नेश पाटील ने बिना किसी बातचीत के स्टील की रॉड से उन पर हमला कर दिया। आरोप है कि उनके बाएं हाथ और पीठ पर कई वार किए गए, जिससे उनके हाथ की हड्डी फ्रैक्चर हो गई। पीड़ित का कहना है कि बीच-बचाव की कोशिश करने वालों को भी आरोपी ने धमकाया और उन्हें पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी।
चंद्रिका गुप्ता के अनुसार, घटना के बाद उन्हें पहले स्थानीय निजी अस्पताल, फिर इंदिरा गांधी ग्रामीण अस्पताल उरण और बाद में नवी मुंबई महानगरपालिका अस्पताल, वाशी रेफर किया गया, जहां एक्स-रे में हाथ की हड्डी टूटने की पुष्टि हुई। उपचार के बाद उन्होंने उरण पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई। उनका कहना है कि गंभीर चोटों के कारण शिकायत दर्ज कराने में कुछ दिनों की देरी हुई।
मामले में दर्ज एफआईआर, मेडिकल उपचार तथा न्यायालय में दर्ज गवाहों के बयानों का भी उल्लेख सामने आया है। न्यायालय में एक गवाह ने अभियोजन पक्ष के समर्थन में बयान देते हुए आरोप लगाया कि आरोपी ने कर्मचारी पर बांस से हमला किया था और दुकान में तोड़फोड़ भी की थी। वहीं पीड़ित ने भी अदालत में अपने बयान में स्टील की रॉड से हमले, हाथ टूटने और जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप दोहराया। दूसरी ओर, आरोपी पक्ष ने न्यायालय में लगाए गए आरोपों से इनकार किया है और उन्हें झूठा बताया है। मामले की सुनवाई न्यायालय में जारी है।
दस्तावेजों के अनुसार, अदालत ने एक आदेश में आरोपी की जमानत निरस्त करने की अर्जी खारिज करते हुए उसे नए जोड़े गए संज्ञेय और गैर-जमानती अपराधों के संबंध में निर्धारित अवधि के भीतर अदालत में उपस्थित होकर जमानत आवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। साथ ही आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि आदेश का पालन नहीं होने पर विवेचना अधिकारी आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं। मामले की अगली सुनवाई साक्ष्य के लिए निर्धारित की गई थी।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि चार वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिल सका है। उनका कहना है कि उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को कई आवेदन दिए, लेकिन उनकी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। परिवार का आरोप है कि मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके कारण वे लगातार भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने, निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
