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Thursday, August 20, 2026

गवाही न देने का दबाव, फिर चाकू से हमला; पेट में चाकू लगने से ध्रुव की मौत, परिवार ने पुरानी रंजिश में हत्या का लगाया आरोप

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बसंत विहार के कुसुमपुर पहाड़ी इलाके में 12 अगस्त की रात पुरानी रंजिश और अदालत में गवाही देने के विवाद ने खूनी रूप ले लिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 22 वर्षीय ध्रुव और 23 वर्षीय सुमित पर कथित तौर पर चाकू और डंडों से हमला किया गया। हमले में ध्रुव के पेट में चाकू लगा और उसकी आंत बाहर निकलने जैसी गंभीर चोट हुई। इलाज के दौरान 19 अगस्त 2026 को ध्रुव की मौत हो गई। परिवार ने अब मामले में आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस के मुताबिक घटना 12 अगस्त की रात करीब 9:30 से 10 बजे के बीच चिटू स्टोर के पास, ए ब्लॉक, कुसुमपुर पहाड़ी में हुई। पुलिस को PCR कॉल मिली थी कि मारपीट में एक व्यक्ति घायल हुआ है और खून निकल रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस को पता चला कि दो घायलों को PCR वाहन से अस्पताल ले जाया जा चुका है।

गवाही से पीछे हटने का कथित दबाव

पुलिस को दिए बयान में घायल सुमित ने आरोप लगाया कि किशन उर्फ चपटी नाम का युवक उसे एक पुराने मर्डर केस में गवाही से पीछे हटने के लिए कई बार धमका रहा था। सुमित के मुताबिक वह उस मामले में गवाह है। उसने बताया कि 12 अगस्त की रात वह अपने दोस्त ध्रुव के साथ डिस्पेंसरी की तरफ से लौट रहा था, तभी चिटू स्टोर के सामने कुछ युवकों ने दोनों को रोक लिया।

सुमित के बयान के मुताबिक आरोपियों ने कथित तौर पर उसे और ध्रुव को घेर लिया तथा अदालत में गवाही देने को लेकर धमकाते हुए मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि इसके बाद एक आरोपी ने चाकू और दूसरे ने बेसबॉल बैट जैसा डंडा लाया और दोनों पर हमला किया।

ध्रुव को पेट में चाकू लगने से हालत गंभीर

सुमित ने पुलिस को बताया कि जब एक आरोपी ध्रुव पर चाकू से वार कर रहा था, तब उसने बीच-बचाव करने की कोशिश की। इसी दौरान उसके हाथों की उंगलियों में भी चोट आई। सुमित के अनुसार, मारपीट के दौरान वह गिर गया और इसी बीच ध्रुव के पेट में चाकू लग गया। इसके बाद आरोपी मौके से भाग गए।

ध्रुव को सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार उसके पेट में चाकू लगने से गंभीर चोट हुई थी और आंत बाहर निकलने जैसी स्थिति बताई गई थी। डॉक्टरों ने चोट की प्रकृति को उस समय लंबित रखा था।

सुमित के हाथ में भी चोट, अस्पताल में हुआ इलाज

हमले में सुमित भी घायल हुआ। उसकी मेडिकल रिपोर्ट में बाएं हाथ और दाहिने हाथ की उंगली के पास कटने जैसी चोट तथा दाहिने अग्रभाग पर खरोंच दर्ज होने की बात पुलिस दस्तावेज में सामने आई है। पुलिस के अनुसार, घटना के समय सुमित चोट और दर्द के कारण बयान देने की स्थिति में नहीं था। इलाज के बाद 13 अगस्त को वह थाने पहुंचा और अपना बयान दर्ज कराया।

सुमित के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 109(1), 115(2), 126(2), 351(3) और 3(5) के तहत FIR दर्ज की। FIR नंबर 122/2026 दर्ज होने का उल्लेख पुलिस रिकॉर्ड में है।

पांच युवकों पर हमले का आरोप

सुमित ने अपने बयान में अक्कू, पिकाचू, काकू, आर्यन और अक्की नाम के युवकों पर हमला करने का आरोप लगाया है। शिकायत के मुताबिक आरोपियों में कुछ कुसुमपुर पहाड़ी इलाके में रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कराया और क्राइम टीम से फोटोग्राफ भी करवाए।

मामले में आरोपियों की वास्तविक भूमिका, हमले की वजह और घटना के दौरान किसने क्या किया, इसका अंतिम निर्धारण पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होना बाकी है।

इलाज के दौरान ध्रुव ने तोड़ा दम

परिवार के अनुसार ध्रुव को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पेट में चाकू लगने के बाद उसकी सर्जरी भी हुई। कई दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद 19 अगस्त को उसकी मौत हो गई। ध्रुव की मौत की खबर के बाद परिवार में मातम छा गया।

परिवार का आरोप है कि हमले के पीछे पुरानी रंजिश और गवाही से जुड़े विवाद की भूमिका हो सकती है। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

परिवार ने लगाए धमकी के भी आरोप

परिजनों का कहना है कि ध्रुव को पहले से धमकियां मिलने की बात सामने आ रही थी। परिवार का आरोप है कि उसे मुकदमा वापस लेने अथवा मामले में पीछे हटने के लिए दबाव बनाया गया। हालांकि, इन अतिरिक्त आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इनका सत्यापन पुलिस जांच का विषय है।

परिवार ने यह भी मांग की है कि ध्रुव की मौत के बाद मामले में कानून के अनुसार उचित धाराएं जोड़ी जाएं और घटना में शामिल सभी आरोपियों की भूमिका की जांच की जाए।

अब हत्या की धाराओं में कार्रवाई की मांग

ध्रुव की मौत के बाद परिवार का कहना है कि मामला अब सिर्फ मारपीट का नहीं रहा। परिजनों की मांग है कि पुलिस हमले और मौत के बीच संबंध की जांच करते हुए दोषियों के खिलाफ हत्या समेत लागू कानूनी धाराओं में कार्रवाई करे। परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की भी मांग की है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शुरुआती कार्रवाई घायल सुमित के बयान, PCR कॉल और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर की गई थी। ध्रुव की मौत के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड, जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।

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