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Saturday, January 3, 2026

पीएनबी घोटाला: मेहुल चौकसी की 46 करोड़ की संपत्ति होंगी नीलाम, मुंबई के PMLA कोर्ट ने दी मंजूरी

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मुंबई के पीएमएलए कोर्ट ने मेहुल चोकसी की गीतांजलि जेम्स की कई संपत्तियों की नीलामी को मंजूरी दे दी है। मुंबई की अदालत ने मेहुल चोकसी की 46 करोड़ रुपये की संपत्ति और चांदी की ईंटों की नीलामी की अनुमति दी है।

पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े घोटाले के मामले में मेहुल चौकसी की संपत्तियां नीलाम की जाएंगी। मुंबई के पीएमएलए कोर्ट ने मेहुल चोकसी की गीतांजलि जेम्स की कई संपत्तियों की नीलामी को मंजूरी दे दी है। मुंबई की अदालत ने मेहुल चोकसी की लगभग 46 करोड़ रुपये की संपत्ति और चांदी की ईंटों की नीलामी की अनुमति दी है। मुंबई की एक विशेष अदालत ने 23,000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले की केंद्र में रही कंपनी गीतांजलि जेम्स लिमिटेड को भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी से जुड़ी 13 असुरक्षित संपत्तियों का मूल्यांकन और नीलामी करने की अनुमति दे दी है।

इन सूचीबद्ध संपत्तियों में बोरीवली में चार आवासीय फ्लैट; बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में भारत डायमंड बोर्स में कार्यालय परिसर, गोरेगांव पूर्व में विरवानी औद्योगिक एस्टेट में चार औद्योगिक इकाइयां और जयपुर विशेष आर्थिक क्षेत्र में स्थित चांदी की ईंटें, अर्ध-कीमती पत्थर और आभूषण बनाने वाली मशीनें शामिल हैं।

एफडी के रूप में रखा जाएगा पैसा
पीएमएलए कोर्ट ने भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी से जुड़ी आभूषण कंपनी गीतांजलि जेम्स लिमिटेड के परिसमापक को उसकी असुरक्षित संपत्तियों का मूल्यांकन और नीलामी करने की अनुमति दे दी है। साथ ही निर्देश दिया है कि बिक्री से प्राप्त राशि को धन शोधन मामले के समाप्त होने तक अदालत के नाम से फिक्स डिपॉजिट के रूप में रखा जाए। 4 नवंबर के आदेश में, विशेष न्यायाधीश एवी गुजराती ने इस साल फरवरी में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा नियुक्त परिसमापक शांतनु रे की अर्जी स्वीकार कर ली। गीतांजलि जेम्स, 13,000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में शामिल केंद्रीय संस्थाओं में से एक है, जिसमें चोकसी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है।

इन संपत्तियों की होगी नीलामी
शांतनु रे ने ईडी मामले में कुर्क की गई असुरक्षित संपत्तियों के निपटान की अनुमति मांगी थी। ईडी ने अदालत को सूचित किया कि उसे प्रस्तावित मूल्यांकन और बिक्री पर कोई आपत्ति नहीं है। अदालत ने अपने फैसले में यह स्पष्ट किया कि केवल असुरक्षित संपत्तियों की ही नीलामी की जा सकती है, जिन पर सुरक्षित लेनदारों का दावा नहीं है। अदालत ने इस बात पर भी जोर दिया कि ईडी द्वारा संपत्तियों की कुर्की बरकरार रहेगी और आय का स्वामित्व और जब्ती मुकदमे के बाद ही तय की जाएगी।

कोर्ट ने आदेश में क्या कहा?
आदेश में कहा गया है, “खर्चों में कटौती के बाद बिक्री से प्राप्त राशि को इस न्यायालय के नाम आईसीआईसीआई बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा किया जाएगा।” साथ ही कहा गया है कि यह धनराशि पीएमएलए की धारा 8(7) और 8(8) के तहत न्यायिक हिरासत में रहेगी। यह आदेश चल रही मनी लॉन्ड्रिंग कार्यवाही के साथ-साथ परिसमापन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सक्षम बनाता है, जिससे बंद हो चुके गीतांजलि समूह की कुछ संपत्तियों का मुद्रीकरण किया जा सकेगा, तथा मामले का अंतिम निर्णय होने तक आय को सुरक्षित रखा जा सकेगा।

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