बिहार के मधेपुरा से पंजाब तक फैली दहशत—परिवार बेहाल, पुलिस से गुहार
मधेपुरा/मानसा।
बिहार के मधेपुरा जिले के गाँव सरहदगती, वार्ड 2 के रहने वाले अब्दुल जलील रहस्यमयी तरीके से लापता हो गए हैं। परिवार और साथियों में खौफ का माहौल है। अभदुल जलील मानसिक रूप से कमजोर बताए जाते हैं और अपने बेटे के साथ पंजाब के मानसा जिले में मजदूरी करने आए थे।
जानकारी के अनुसार, उनका बेटा मो. मेराज, जो सरकारी नई खाल (नहर) निर्माण के कार्य में मजदूरी करता है, अपने पिता के साथ कमरे में सोया हुआ था। 18 नवंबर 2025 की आधी रात, ठंडी हवाओं के बीच मजदूरों का कैंप शांत था। सब लोग गहरी नींद में थे, लेकिन सुबह करीब 3 बजे जब साथ में काम करने वाला एक मजदूर उठा, तो उसने देखा कि अब्दुल जलील बिस्तर पर मौजूद नहीं थे।
मेराज ने बताया कि उसके पिता बेहद शांत स्वभाव के और मानसिक रूप से कमजोर हैं। वे सिर्फ चाय-पानी का हल्का-फुल्का काम करते थे और कभी पहले ऐसा घर या कमरे से बाहर नहीं गए थे। उनकी अचानक गुमशुदगी ने सभी को हैरान कर दिया है।
कुछ ही मिनटों में मजदूरों ने आस-पास के इलाकों की छानबीन शुरू कर दी। कड़ाके की ठंड, अंधेरा और खेतों के बीच बना निर्माण स्थल—इन सबके कारण तलाश बेहद मुश्किल हो गयी। लेकिन घंटों खोजने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला।
परिवार के मुताबिक, गुमशुदा व्यक्ति किसी को पहचान नहीं पाते, और अकेले कहीं दूर जाने में असमर्थ हैं। ऐसे में किसी दुर्घटना या गलत हाथों में पड़ने की आशंका से इंकार नहीं किया जा रहा।
गुमशुदगी की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई है। मो. मेराज ने अपने आवेदन में पुलिस अधिकारियों से तुरंत तलाश शुरू करने की गुहार लगाई है।
मेराज का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार यही कह रहा है—
“मेरे पिता पहली बार ऐसे कहीं गए हैं। वो मानसिक रूप से कमजोर हैं, कृपया मेरी मदद कीजिए। उन्हें जल्दी ढूंढा जाए।”
स्थानीय लोगों और मजदूरों का कहना है कि घटना बेहद संवेदनशील है और पुलिस को तत्काल एक विशेष टीम बनाकर आसपास के खेतों, नहर किनारे, मंडियों, बस स्टैंड और रेलवे क्षेत्र में खोज अभियान चलाना चाहिए।
मो. मेराज ने अपने संपर्क नंबर भी जारी किए हैं ताकि किसी को भी कोई जानकारी मिले तो तुरंत सूचित कर सके—
9942686914 / 7004409230,6350204142
