ग्रेटर नोएडा के गिरधरपुर गांव में 25 वर्षीय महिला निकिता की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे हत्या का मामला बताया है।
परिजनों के अनुसार, निकिता ने करीब 10 वर्ष पहले अपनी मर्जी से नीरज से विवाह किया था और वह अपने पति व तीन बच्चों के साथ गिरधरपुर में रह रही थीं। परिवार में 8 साल की बेटी, 6 साल का बेटा और 6 महीने का छोटा बच्चा है।
बताया जा रहा है कि 31 मार्च को मायके पक्ष को फोन के माध्यम से निकिता की तबीयत खराब होने की सूचना दी गई। जब तक परिवार गिरधरपुर पहुंचा, तब तक ससुराल पक्ष द्वारा निकिता का अंतिम संस्कार किया जा चुका था। परिजनों का आरोप है कि उन्हें बेटी का चेहरा तक नहीं देखने दिया गया।
मायके पक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बताते हुए कहा कि यदि मौत स्वाभाविक थी, तो उन्हें समय रहते सूचना क्यों नहीं दी गई। साथ ही, इतनी जल्दबाजी में अंतिम संस्कार किए जाने पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। वहीं ससुराल पक्ष ने इसे अपना पारिवारिक रिवाज बताते हुए कहा कि शव को अधिक समय तक घर में नहीं रखा जाता।
निकिता की मां ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की हत्या की गई है और सबूत मिटाने के लिए जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि ससुराल में पहले से विवाद चल रहा था, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग भी मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। मायके पक्ष ने प्रशासन से दोषियों की गिरफ्तारी और मामले की गहन जांच की मांग की है।
मायके पक्ष ने आरोप लगाया है कि निकिता के ससुराल वालों ने बार-बार यह बयान बदले हैं कि कभी उसके सर दर्द थी और कभी कह रहे हैं कि उसकी हार्ट अटैक से मौत हुई उनके बयान बार-बार बदले जा रहे हैं जिससे यह शक होता है कि इस मामले में कुछ ना कुछ सच को छुपाया जा रहा है परिवार वालों ने अपील की है कि सच्चाई सबके सामने आए ताकि निकिता की आत्मा को शांति मिल सके और आरोपी सलाखों के पीछे जा सके।
परिवार का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक वे संघर्ष जारी रखेंगे। प्रशासन और पुलिस से अपील की गई है कि मामले को दबाने की बजाय सच्चाई सामने लाई जाए।
