बौंसी, बांका। बभनगामा ग्राम कचहरी क्षेत्र में जमीन और पारिवारिक विवाद को लेकर मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। एक ही परिवार के भाइयों के बीच चल रहे विवाद में अब गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार और धमकी के आरोप भी सामने आए हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि विवाद के कारण परिवार के लोग लंबे समय से परेशान हैं और मामले का अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
ग्राम कचहरी बभनगामा की ओर से 18 अगस्त 2026 को जारी पत्र में बताया गया कि दीपक यादव और उनके भाइयों के बीच विवाद चल रहा है तथा जमीन का बंटवारा भी नहीं हुआ है। इसी विवाद को देखते हुए सरपंच की ओर से विवादित स्थल पर जाकर संबंधित व्यक्ति को विवाद का समाधान होने तक निर्माण अथवा अन्य कार्य रोकने का निर्देश देने की बात कही गई है।
इसी बीच 19 अगस्त 2026 को काजल कुमारी, पत्नी दिलीप यादव, की ओर से भी थाने में शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। शिकायत के अनुसार घरेलू विवाद के दौरान दीपक कुमार पर गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया गया। परिवार के लोगों को समझाने के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद समाप्त करने और भविष्य में लड़ाई-झगड़ा नहीं करने को लेकर सहमति बनाए जाने का भी उल्लेख है।
दिलीप कुमार का आरोप है कि उनके भाई दीपक कुमार उनकी पत्नी के साथ भी कथित तौर पर गाली-गलौज करते हैं। उनका कहना है कि लगातार हो रहे विवाद और कथित अभद्र व्यवहार के कारण वह और उनका परिवार मानसिक परेशानी से गुजर रहा है।
दिलीप कुमार ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दीपक कुमार कथित तौर पर बंदूक लेकर घूमते हैं और उन्हें धमकी देते हैं कि यदि उन्होंने यहां से अपना घर खाली नहीं किया तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। दिलीप का कहना है कि इस कथित धमकी के कारण उनका परिवार भय और तनाव में है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मामले में संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना बाकी है।
दिलीप कुमार का कहना है कि उनका छोटा भाई धर्मेंद्र भागलपुर में पढ़ाई कर रहा है और उसका इस पारिवारिक विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। आरोप है कि इसके बावजूद दीपक कुमार और उनकी पत्नी धर्मेंद्र को भी बेवजह इस मामले में घसीट रहे हैं। दिलीप का कहना है कि पढ़ाई कर रहे धर्मेंद्र को विवाद में शामिल करने से परिवार की परेशानी और तनाव बढ़ रहा है।
परिवार का कहना है कि ग्राम कचहरी और थाना स्तर पर शिकायत तथा समझौते की कोशिश के बावजूद विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पीड़ित पक्ष अब मामले में उचित कार्रवाई, सुरक्षा और स्थायी समाधान की मांग कर रहा है, ताकि परिवार में दोबारा विवाद और तनाव की स्थिति न बने।
