महेंद्रगढ़। थाना मधुबन क्षेत्र के गांव 16 की रहने वाली कीर्ति ने अपने पति पवन कुमार और ससुराल पक्ष के लोगों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। कीर्ति के अनुसार उसकी शादी वर्ष 2013 में पवन कुमार से हुई थी। दंपती का एक बेटा है, जिसका नाम दक्ष है। महिला का कहना है कि पिछले करीब 6 से 7 वर्षों से उसके पति के किसी अन्य महिला से संबंध होने की बात सामने आ रही थी। कुछ दिन पहले पवन कुमार कथित रूप से उसी महिला को लेकर घर से चला गया, जिसके बाद से कीर्ति की परेशानियां और बढ़ गईं।
कीर्ति का कहना है कि पति के घर से चले जाने के बाद ससुराल में उसे लगातार परेशान किया जा रहा है। महिला ने आरोप लगाया कि उसके ससुर रतन उस पर कथित तौर पर गलत नजर रखते थे और उसके साथ अभद्र व्यवहार करते थे। कीर्ति के अनुसार ससुर और जेठ वीर सिंह उसके साथ मारपीट भी करते हैं। महिला ने बताया कि एक घटना के दौरान उसके ससुर ने उसके साथ कथित रूप से मारपीट की, जिससे वह भयभीत और परेशान है।
बहन बीच-बचाव करने पहुंची तो उसे भी चोट लगने का आरोप
कीर्ति के अनुसार जब उसके साथ मारपीट की घटना हुई तो उसकी बहन ममता बीच-बचाव करने के लिए पहुंची। ममता की शादी भी उसी परिवार में हुई है। महिला का आरोप है कि बीच-बचाव करने पहुंची उसकी बहन के साथ भी मारपीट की गई। इस घटना में ममता के सिर में चोट आने की बात कही गई है। कीर्ति का कहना है कि परिवार के भीतर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है और वह अपने बेटे दक्ष के साथ असुरक्षित महसूस कर रही है।
पति के जाने के बाद बच्चे की जिम्मेदारी भी कीर्ति पर
कीर्ति का कहना है कि पति पवन कुमार के कथित रूप से घर छोड़कर चले जाने के बाद बेटे दक्ष की जिम्मेदारी भी उसी पर है। एक तरफ पति के चले जाने की परेशानी और दूसरी तरफ ससुराल पक्ष से कथित विवाद और मारपीट के कारण वह मानसिक रूप से परेशान है। महिला ने कहा कि वह अपने बच्चे के साथ सुरक्षित माहौल और न्याय चाहती है।
पुलिस से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग
कीर्ति ने संबंधित पुलिस और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। महिला चाहती है कि उसके द्वारा लगाए गए मारपीट और कथित अभद्र व्यवहार के आरोपों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही उसने अपने और अपने बेटे दक्ष की सुरक्षा सुनिश्चित कराने तथा मामले में जल्द सुनवाई की मांग की है।
महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पति पवन कुमार, ससुर रतन और जेठ वीर सिंह का पक्ष सामने आने तथा पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
