विशेष संवाददाता
रायबरेली/उन्नाव (उत्तर प्रदेश)। रायबरेली जिले के मिल एरिया थाना क्षेत्र से एक छह माह की गर्भवती विवाहिता की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। मृतका के मायके पक्ष ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या बताते हुए पति समेत चार लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि घटना को एक महीने से अधिक समय बीत जाने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बावजूद पुलिस ने अब तक हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया है, जिससे परिवार में भारी आक्रोश है।
मृतका रुखसार बानो पत्नी मोहम्मद शकील की शादी लगभग 11 वर्ष पूर्व ग्राम डिधिया, थाना मिल एरिया, जिला रायबरेली निवासी मोहम्मद शकील से हुई थी। दंपति की तीन बेटियां हैं। परिजनों के अनुसार रुखसार बानो छह माह की गर्भवती थीं।
मृतका के भाई मोहम्मद शाहरुख निवासी जनपद उन्नाव ने बताया कि उनकी बहन के नाम मुंबई शहर में एक मकान होने के कारण परिवार में विवाद चल रहा था। उनका आरोप है कि इसी संपत्ति को लेकर अकरम पुत्र गफ्फार, उसकी पत्नी साइमा बानो, पति मोहम्मद शकील तथा सुल्लन पुत्र असलम लगातार रुखसार पर दबाव बना रहे थे। परिवार का कहना है कि मोहम्मद शकील रुखसार को तलाक देकर दूसरी शादी करना चाहता था, जिसके चलते उसे लगातार प्रताड़ित किया जाता था।
परिजनों ने आरोप लगाया कि 12 अप्रैल 2026 को भी रुखसार बानो की हत्या की कोशिश की गई थी। आरोप है कि साइमा बानो ने रुखसार पर कैंची से हमला किया था, जिसमें वह बाल-बाल बच गई थीं। इस घटना की शिकायत स्थानीय थाने में की गई थी। परिवार के अनुसार उस समय साइमा बानो ने लिखित समझौता करते हुए भविष्य में ऐसी हरकत दोबारा न करने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में उसने जान से मारने की धमकी भी दी थी।
परिवार का आरोप है कि 31 मई 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे साइमा बानो, अकरम, मोहम्मद शकील और सुल्लन ने मिलकर रुखसार बानो की रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी और पूरे मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को जिला अस्पताल रायबरेली ले जाया गया। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद उन्हें फोन कर केवल इतना बताया गया कि रुखसार की तबीयत खराब है और ब्लड प्रेशर लो हो गया है। जब वे अस्पताल पहुंचे तो उन्हें पता चला कि रुखसार की मौत हो चुकी है।
परिवार का कहना है कि घटना के बाद हुए पोस्टमार्टम में मृत्यु का कारण एंटीमॉर्टम हैंगिंग (मृत्यु से पहले फांसी लगने से दम घुटना) बताया गया है तथा विसरा सुरक्षित रखकर रासायनिक परीक्षण के लिए भेजा गया है। हालांकि परिजन इस निष्कर्ष से सहमत नहीं हैं। उनका आरोप है कि रुखसार की पहले हत्या की गई और बाद में उसे फांसी का रूप देने की कोशिश की गई। उनका कहना है कि मामले की गहन एवं निष्पक्ष फोरेंसिक जांच कराई जानी चाहिए।
पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को भेजे गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया है। परिवार का कहना है कि लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन मिल रहा है, जबकि आरोपित खुलेआम घूम रहे हैं।
मृतका के भाई मोहम्मद शाहरुख ने मांग की है कि अकरम, साइमा बानो, मोहम्मद शकील और सुल्लन के विरुद्ध हत्या, साजिश और अन्य संबंधित धाराओं में तत्काल मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही पूर्व में हुए हमले की शिकायत को भी जांच में शामिल किया जाए ताकि पूरे घटनाक्रम का सच सामने आ सके।
परिवार ने उत्तर प्रदेश सरकार, पुलिस महानिदेशक, रायबरेली पुलिस प्रशासन तथा मानवाधिकार आयोग से मामले की निष्पक्ष जांच, तत्काल FIR दर्ज करने, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
