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Saturday, August 8, 2026

BSP विधायक उमा शंकर सिंह का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, फूट-फूट कर रोए बीजेपी मंत्री

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बीजेपी के मंत्री ने कहा कि उमा शंकर सिंह का इलाज कराने के लिए पीएम मोदी और अमित शाह ने हर संभव कोशिश की। उमा शंकर सिंह और दिनेश सिंह के परिवार में रिश्तेदारी है।

विधानसभा में बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का शुक्रवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए पार्टी कार्यकर्ता और अन्य लोग एकत्र हुए। बलिया जिले के रसड़ा क्षेत्र से विधायक सिंह (55) का पार्थिव शरीर गुरुवार की रात नगरा थाना क्षेत्र के खनवर गांव स्थित पैतृक निवास स्थान पर लाया गया। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक हंसू राम, पूर्व मंत्री नारद राय, भाजपा के जिला अध्यक्ष संजय मिश्र ने भी शोक संवेदना व्यक्त की। इस दौरान योगी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह फूट-फूट कर रोए। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और अमित शाह ने उमाशंकर सिंह का इलाज कराने के लिए हर संभव कोशिश की।

शुक्रवार को मौसम खराब होने और हल्की बूंदाबांदी के बावजूद विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग और आम व्यक्ति बड़ी संख्या में अंतिम यात्रा में शामिल हुए। शव यात्रा शुक्रवार शाम जिला मुख्यालय के पड़ोस में स्थित श्री रामपुर घाट पर पहुंची जहां राजकीय सम्मान के साथ विशाल जनसमूह की उपस्थिति में गंगा नदी के तट पर अंतिम संस्कार सम्पन्न हुआ। पार्थिव शरीर को मुखाग्नि सिंह के बेटे प्रिंस यूकेश सिंह ने दी।

दिनेश प्रताप सिंह रोए
प्रदेश के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद रहे जो उमाशंकर सिंह के समधी हैं। उन्होंने कहा कि देश के गृह मंत्री अमित शाह ने अमेरिका तक बसपा विधायक उमाशंकर का इलाज कराने में अपनी पूरी भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री जी और पीएमओ भी उमाशंकर सिंह के संपर्क में रहा, उनका कैसे बेहतर इलाज हो, इसके लिए प्रयास किए। हालांकि, मायावती के बयान में सिर्फ धन्यवाद का भाव था। उमाशंकर सिंह का बुधवार की रात दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया था।

बेटा एक दिन बड़ा उमाशंकर बनेगा
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि उमाशंकर सिंह के निधन से हर राजनीतिक दल के लोग दुखी हैं। दलीय सीमा को लांघकर सभी की संवेदनाएं उनके परिवार को मिली हैं। एक दिन उनका छोटा बेटा बड़ा उमाशंकर बनेगा। उमाशंकर सिंह को एक दल की सीमा में नहीं बांधा जा सकता है।

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