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Monday, August 17, 2026

रूस पर यूक्रेन की बड़ी एयरस्ट्राइक, 822 ड्रोनों से किया हमला, मचा हड़कंप

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यूक्रेन ने रूस पर करीब 800 से ज्यादा ड्रोन के साथ हमला किया। इस हमले में कम से कम छह लोगों की मौत हुई है। हमले के बाद रूस के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
मॉस्को: यूक्रेन ने रविवार को रूस के कई हिस्सों में सैकड़ों ड्रोन से बड़ा हवाई हमला किया। रूस के अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में कम से कम छह लोगों की मौत हुई है। इसे युद्ध शुरू होने के बाद यूक्रेन के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक बताया जा रहा है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने रातभर में 822 ड्रोन नष्ट किए, जिनमें से 600 रूस की राजधानी की ओर बढ़ रहे थे।
रूस के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई
बड़े पैमाने पर हुए इस हमले के बाद रूस के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। रूस में दक्षिण-पश्चिमी रोस्तोव क्षेत्र के गवर्नर यूरी स्ल्यूसर ने बताया कि क्षेत्र के तीन शहरों पर हुए हमलों में पांच लोगों की मौत हो गई। मॉस्को क्षेत्र में यूक्रेन का एक ड्रोन एक निजी मकान पर गिरा जिससे 83 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई।

शनिवार को समारा क्षेत्र में हुआ था हमला
इससे पहले शनिवार को रूस के दक्षिण-पश्चिमी समारा क्षेत्र में यूक्रेन ने हमला किया था जिसमें औद्योगिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया। समारा के प्रमुख इवान नोस्कोव ने कहा कि वायु रक्षा बलों ने “बड़े पैमाने पर” मिसाइल हमले को विफल कर दिया, हालांकि शहर के औद्योगिक प्रतिष्ठानों को स्थानीय स्तर पर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि हमले में घायल लोगों को मेडिकल हेल्प दी गई है, लेकिन इसके बारे में डिटेल जानकारी नहीं दी।

लंबी दूरी के हवाई हमले तेज
बता दें कि यूक्रेन ने रूसी सैन्य उद्योगों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर लंबी दूरी के हवाई हमले तेज कर दिए हैं। उसका मकसद युद्ध के लिए मॉस्को के राजस्व में कटौती करना और रूस के लोगों को हमले के परिणामों का एहसास कराना है। युद्ध अब पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। जेलेंस्की ने कहा कि रूस में शांति की जरूरत महसूस होनी चाहिए। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि यूक्रेनी बलों ने समारा स्थित प्रोग्रेस सेंटर पर हमला किया। यह रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोसकॉसमॉस के तहत काम करता है और रॉकेट प्रौद्योगिकी तथा इलेक्ट्रॉनिक्स के निर्माण में शामिल है।

उन्होंने कहा कि इस प्रतिष्ठान को निशाना बनाने के लिए यूक्रेन में निर्मित फ्लेमिंगो मिसाइल का इस्तेमाल किया गया। यह स्थान यूक्रेन की सीमा से करीब 900 किलोमीटर दूर है। जेलेंस्की ने यह भी कहा कि अग्रिम मोर्चे से करीब 700 किलोमीटर दूर स्थित रूस के सावास्लेइका हवाई अड्डे को भी निशाना बनाया गया। यूक्रेन के अधिकांश हमलों की मारक क्षमता 200 किलोमीटर से कम है, लेकिन इस साल उसके लंबी दूरी के हमलों में काफी वृद्धि हुई है। बता दें कि इससे पहले 10 अगस्त को भी रूस और यूक्रेन ने एक-दूसरे पर रातभर बमबारी की। इसमें दोनों देशों के कई लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे।

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