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Friday, April 3, 2026

सड़क पर कब्जा और पक्का चबूतरा बनाकर रास्ता बंद करने का आरोप: ग्रामीणों में आक्रोश, बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप

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बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के नगर थाना क्षेत्र के भरवलिया गांव में सड़क निर्माण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। गांव के कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण कार्य में भारी अनियमितता की गई है और एक व्यक्ति द्वारा दबंगई के बल पर सड़क के हिस्से पर कब्जा कर लिया गया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि गांव का मुख्य रास्ता लगभग बाधित हो चुका है और बड़ी गाड़ियों का आना-जाना पूरी तरह ठप पड़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले की कई बार शिकायत प्रशासन से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार गांव में हाल ही में सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन गांव के ही निवासी किंकर पाण्डेय पर आरोप है कि उन्होंने ठेकेदार से मिलकर सड़क का पूरा आरसीसी निर्माण नहीं होने दिया। ग्रामीणों का दावा है कि सड़क का केवल लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा ही आरसीसी से बनाया गया, जबकि बाकी हिस्से को अधूरा छोड़ दिया गया। इतना ही नहीं, आरोप है कि पहले उस हिस्से में मिट्टी, बांस और कचरा रखकर रास्ते को संकरा कर दिया गया था, जिससे ट्रैक्टर-ट्रॉली, एंबुलेंस और अन्य चार पहिया वाहनों का निकलना बेहद मुश्किल हो गया था।

ग्रामीणों ने बताया कि अब स्थिति और गंभीर हो गई है। उनका आरोप है कि जिस जगह पहले मिट्टी, बांस और कचरा रखा गया था, अब उसी स्थान पर पक्का चबूतरा बना दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस चबूतरे के कारण रास्ता लगभग बंद हो गया है और बड़े वाहन तो दूर, कई बार छोटे वाहन निकालना भी मुश्किल हो जाता है। इससे पूरे गांव के लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि किंकर पाण्डेय ने अपने मकान के पास दीवार से सटाकर जंगला और झाप लगाने की कोशिश भी की है, रायपुर से उत्तम पांडे का जितना घर है उनसे ज्यादा आरोपी का घर है फिर भी आरोपी रोड पर मेरी जगह है

जिससे रास्ता और अधिक बाधित हो रहा है। गांव के लोगों का आरोप है कि यह सब दबंगई दिखाते हुए किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर गांव के ही रामधीर और रघुवर जैसे लोगों ने अपना मकान बनाते समय लगभग दो मीटर जमीन सड़क के लिए छोड़ दी थी, ताकि गांव के रास्ते में कोई बाधा न आए। इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा कब्जा कर रास्ता संकरा कर दिया गया है, जिससे पूरे गांव को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने रास्ते से मिट्टी, बांस और कचरा हटाने की बात कही तो विपक्षी पक्ष के लोगों ने झगड़ा और मारपीट की स्थिति पैदा कर दी। आरोप है कि किंकर पाण्डेय के परिवार के कई सदस्य एकजुट होकर ग्रामीणों को धमकाते हैं और विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देते हैं। इससे गांव में तनाव का माहौल बन गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले की शिकायत जिला प्रशासन, नगर थाना और अन्य अधिकारियों से कई बार ऑनलाइन और लिखित रूप में की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही मामले की निष्पक्ष जांच कर रास्ता खाली नहीं कराया गया तो गांव में कभी भी बड़ा विवाद या अप्रिय घटना हो सकती है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच की जाए, सड़क पर बनाए गए पक्के चबूतरे को हटवाया जाए और बचा हुआ आरसीसी निर्माण पूरा कराया जाए, ताकि गांव के लोगों को आने-जाने में राहत मिल सके और गांव में शांति व्यवस्था बनी रहे।

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