हमीरपुर (उत्तर प्रदेश)। जिले के कुरारा थाना क्षेत्र से घरेलू उत्पीड़न और मारपीट का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम डामर की रहने वाली रामजानकी ने अपने पति अनुरूद्ध कुमार अनुरागी, सास सम्पत देवी और ससुर गोपालदास पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि प्रेम विवाह के 14 साल बाद अब उसे घर से अलग कर दिया गया है और बीते चार वर्षों से उसे लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। न्याय न मिलने पर पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की गुहार लगाई है।
पीड़िता रामजानकी के अनुसार उसने वर्ष 2012 में अनुरूद्ध कुमार अनुरागी से परिवार की मर्जी के खिलाफ प्रेम विवाह किया था। शादी के शुरुआती वर्षों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन धीरे-धीरे रिश्तों में खटास आने लगी। रामजानकी का आरोप है कि पिछले करीब चार वर्षों से उसका पति उसे मुख्य घर से अलग एक कच्चे मकान में रहने के लिए मजबूर कर दिया है। इतना ही नहीं, पति, सास और ससुर आए दिन उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट करते हैं तथा उसे खाने-पीने और दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी नहीं देते।
पीड़िता ने बताया कि 3 फरवरी 2026 की रात करीब 9 बजे वह अपने कच्चे मकान में खाना बना रही थी। उसी दौरान उसका पति अनुरूद्ध कुमार, सास सम्पत देवी और ससुर, कलेश चम्हार, गोपालदास वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। जब रामजानकी ने इसका विरोध किया तो तीनों ने मिलकर उसके साथ लात-घूंसों से मारपीट की। आरोप है कि इसके बाद वे उसके घर से गैस सिलेंडर और आटे का डब्बा भी उठा ले गए।
रामजानकी का कहना है कि जब उसने शोर मचाया तो मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि आरोपियों ने मोहल्ले वालों के साथ भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया और धमकी दी कि यदि किसी ने बीच-बचाव किया तो वे रामजानकी को जान से मार देंगे। इसके बाद वे सिलेंडर और राशन का सामान लेकर वहां से चले गए।
पीड़िता ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि शादी को 14 साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक उसे संतान नहीं हो सकी। इस बात को लेकर ससुराल पक्ष उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करता है। उसका कहना है कि परिवार के लोग उसके इलाज की व्यवस्था भी नहीं करा रहे और इसी बात को लेकर उसे ताने दिए जाते हैं।
रामजानकी का यह भी आरोप है कि पिछले करीब तीन दिनों से उसके घर पर ताला लगा दिया गया है और उसे घर के बाहर रहने के लिए मजबूर किया जा रहा है। पीड़िता का कहना है कि वह बेहद असहाय स्थिति में है और उसे रहने तथा खाने तक की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसका पति स्थानीय ग्राम प्रधान संजय कुशवाहा से मिला हुआ है। उसका कहना है कि ग्राम प्रधान के प्रभाव और कथित लेन-देन के कारण थाने में उसकी शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसी वजह से वह कई बार शिकायत करने के बावजूद न्याय से वंचित है।
रामजानकी का कहना है कि वह गरीब और असहाय महिला है और किसी तरह जीवन गुजारने को मजबूर है। उसने पुलिस अधीक्षक हमीरपुर से मांग की है कि उसके पति अनुरूद्ध कुमार अनुरागी, सास सम्पत देवी और ससुर गोपालदास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उसे न्याय मिल सके।
फिलहाल मामले को लेकर स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़िता को उम्मीद है कि उच्च अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद उसे न्याय मिलेगा और उसके साथ हो रहे अत्याचार पर रोक लग सकेगी।
