हरदुआ चौकी क्षेत्र में विवाद के बाद दहशत में परिवार, पीड़ित का आरोप कई जगह शिकायत के बावजूद नहीं हुई सुनवाई
पन्ना। जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र की हरदुआ पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम भजिया में एक परिवार ने गांव के कुछ लोगों पर लगातार गाली गलौज, मारपीट और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित चेतराम पटेल का कहना है कि विवाद के बाद से उसका और उसके परिवार का जीना मुश्किल हो गया है। आरोप है कि विरोध करने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दी जाती है और छोटे बच्चों को भी नुकसान पहुंचाने की बात कही गई। बच्चों की आंखें निकालने तक की धमकी दिए जाने के आरोप के बाद परिवार में भय का माहौल बना हुआ है।
पीड़ित के मुताबिक वह इस मामले को लेकर पुलिस चौकी से लेकर सीएम हेल्पलाइन और अन्य अधिकारियों तक शिकायत कर चुका है, लेकिन उसे अपेक्षित कार्रवाई नहीं मिलने का आरोप है। उसका कहना है कि लगातार विवाद और धमकियों के कारण वह अपने परिवार को लेकर बेहद चिंतित है।
15 मई की रात मारपीट और बाइक छीनने का आरोप
पीड़ित चेतराम पटेल के अनुसार 15 मई 2026 की रात करीब 10 बजे लखन यादव नामक व्यक्ति ने उसके साथ कथित रूप से गाली गलौज और मारपीट की। आरोप है कि इसी दौरान उसकी मोटरसाइकिल भी छीन ली गई। पीड़ित ने अपनी मां के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि घटना रात में होने के कारण मौके पर कोई प्रत्यक्षदर्शी मौजूद नहीं था।
चेतराम का आरोप है कि घटना के बाद से ही उसे और उसके परिवार को लगातार धमकाया जा रहा है। कथित रूप से पुलिस में शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी जाती है। इन आरोपों के चलते परिवार के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
बच्चों को भी धमकाने का आरोप
चेतराम ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों में आरोप लगाया कि विवाद करने वाले लोग उसके छोटे बच्चों को भी धमकाते हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक बच्चों की आंखें निकालने तक की बात कही गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पीड़ित का कहना है कि छोटे बच्चों को लेकर ऐसी धमकियों ने परिवार की चिंता और बढ़ा दी है।
चेतराम के मुताबिक इसी डर के चलते उसने अपने परिवार को गांव से बाहर भेज दिया। वह रोजगार के सिलसिले में दिल्ली और गुरुग्राम की ओर चला गया, जबकि उसके माता पिता गांव में ही रह रहे थे। आरोप है कि उसके पीछे भी उसके माता पिता को परेशान किया जाता रहा।
बिजली व्यवस्था में बाधा डालने का भी आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान उसके घर की बिजली व्यवस्था में भी बाधा पहुंचाई गई। उसका कहना है कि बिजली की डोरी तक फेंकने की बात सामने आई। पीड़ित ने इन सभी घटनाओं की जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
एक जुलाई को घर पर गाली गलौज का आरोप
सीएम हेल्पलाइन में दर्ज एक अन्य शिकायत में चेतराम ने आरोप लगाया कि एक जुलाई को लखन यादव और रोहित राजा उसके घर पहुंचे और कथित तौर पर गाली गलौज की। शिकायतकर्ता के अनुसार उसके माता पिता इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत लेकर गए थे, लेकिन आरोप है कि उन्हें कार्रवाई नहीं मिली। इसके बाद मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने की कोशिश की गई।
पीड़ित ने शिकायत में आशंका जताई कि यदि उसके या परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए लखन यादव और रोहित राजा को जिम्मेदार माना जाए। उसने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
पुलिस रिकॉर्ड में अलग घटना का भी उल्लेख
हरदुआ पुलिस चौकी के उपलब्ध रिकॉर्ड में 7 फरवरी 2026 को दर्ज एक पुलिस हस्तक्षेप अयोग्य सूचना में ग्राम भजिया निवासी 48 वर्षीय दुनीराम पटेल ने रोहित राजा और रजक राजा के खिलाफ विवाद और गाली गलौज की शिकायत की थी। रिकॉर्ड के मुताबिक 6 फरवरी को दोपहर करीब एक बजे वह अपनी पत्नी के साथ घर के आंगन में उड़द तोड़ रहा था। इसी दौरान दोनों आरोपितों के वहां आने और कथित रूप से अनाप शनाप बातचीत करने की बात शिकायत में दर्ज है।
शिकायत के अनुसार विरोध करने पर दोनों पक्षों में विवाद हुआ और पत्नी द्वारा बीच बचाव करने पर उसके साथ भी कथित रूप से अभद्रता की गई। बाद में गांव के कुछ लोगों के पहुंचने पर मामला शांत हुआ। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसे और उसकी पत्नी को कोई चोट नहीं आई और उसने चिकित्सकीय परीक्षण कराने से भी इनकार किया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मामला पुलिस हस्तक्षेप योग्य नहीं पाए जाने पर शिकायतकर्ता को सक्षम न्यायालय में कार्रवाई करने के लिए समझाया गया था।
शिकायत बंद होने का भी रिकॉर्ड में उल्लेख
वहीं उपलब्ध सीएम हेल्पलाइन रिकॉर्ड में शिकायत क्रमांक 38607359 के संबंध में शिकायतकर्ता से संपर्क किए जाने और उसके कार्रवाई से संतुष्ट होकर शिकायत बंद कराने की इच्छा जताने का उल्लेख भी है। ऐसे में शिकायतों में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस या सक्षम न्यायालय की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पीड़ित बोला शिकायतें देने के बाद भी नहीं मिली राहत
चेतराम का कहना है कि वह अधिक पढ़ा लिखा नहीं है और पुलिस में दिए गए आवेदन में उसकी बात सही तरीके से दर्ज नहीं हो पाई। उसका आरोप है कि उसने अलग अलग स्तर पर आवेदन दिए, लेकिन अब तक उसे स्थायी राहत नहीं मिली। लगातार धमकियों और विवाद के कारण वह अपने परिवार को लेकर भयभीत है।
परिवार ने मांगी सुरक्षा, निष्पक्ष जांच की गुहार
