नई दिल्ली। पति की मौत के बाद एक महिला अपने सात वर्षीय विशेष आवश्यकता वाले बेटे के साथ न्याय और सुरक्षा की गुहार लगा रही है। दिल्ली के आजाद मार्केट, पुल बंगश क्षेत्र की निवासी प्रिया शर्मा कपूर ने अपने ससुराल पक्ष, गोदाम में रहने वाले नितिन और थाना बाड़ा हिंदू राव के कुछ पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि पति अजय कपूर की 15 मार्च 2026 को मौत होते ही स विजय लक्ष्मी ने पीढ़ी पत्नी प्रिया को उनके पति अजय कपूर को हाथ लगाने से भी मना कर दिया और कथित तौर पर कहा गया कि तुमने ही मेरे बेटे को खाने में जहर देकर मारा है ऐसे आरोप लगाए गए और जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट करवाई गई तो उसमें यह निकला की मेडिकल की वजह से मृत्यु हुई है इन्हीं गलत आरोपो से उसकी परेशानियां बढ़ गई हैं। मकान के बेसमेंट और गोदाम को लेकर चल रहे विवाद के बीच उसे कथित तौर पर घर छोड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। प्रिया ने उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त (DCP) को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच, परिवार की सुरक्षा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्रिया कपूर के अनुसार, उनकी शादी वर्ष 2014 में अजय कपूर से हुई थी और उनका एक बेटा आरव है, जिसका जन्म वर्ष 2018 में हुआ था। शिकायतकर्ता का कहना है कि पति की मृत्यु के बाद वह अपने बच्चे के साथ पारिवारिक और आर्थिक परेशानियों का सामना कर रही हैं। आरोप है कि उनकी सास विजय लक्ष्मी और उनकी चार ननदों के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है। प्रिया का दावा है कि शादी और बच्चे के जन्म के बाद से ही उन्हें परेशान किया जाता रहा है। उनके अनुसार, उनके पति अजय कपूर की मौत के बाद सास विजयलक्ष्मी कथित तौर पर बच्चे को अपना पोता मानने से इनकार करती हैं और उन्हें घर छोड़कर जाने के लिए कहती हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
गोदाम के किराये और कथित 10 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर भी विवाद गहराता जा रहा है। प्रिया का आरोप है कि नितिन उनके परिवार से संबंधित मकान के बेसमेंट और गोदाम में रह रहे हैं तथा किराया नहीं दे रहे हैं। उनका कहना है कि नितिन दावा करते हैं कि उन्होंने उनके दिवंगत पति अजय कपूर को 10 लाख रुपये दिए थे, लेकिन अब तक उन्हें इस कथित लेन-देन से संबंधित कोई प्रमाण या समझौते की प्रति नहीं दिखाई गई है। प्रिया ने इस दावे की जांच कराने और गोदाम से जुड़े विवाद का कानून के अनुसार समाधान कराने की मांग की है।
प्रिया ने नितिन पर अशोभनीय व्यवहार करने और यौन प्रकृति की टिप्पणियों के जरिए परेशान करने का भी आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, नितिन कथित तौर पर अश्लील इशारे करते हैं और आपत्तिजनक बातें कहते हैं, जिससे उन्हें मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। महिला का कहना है कि पति की मृत्यु के बाद से उनकी परेशानी और बढ़ गई है तथा उन्हें अपने ही घर में असुरक्षा महसूस होती है। उन्होंने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
पति की मौत को लेकर भी प्रिया ने गंभीर आशंकाएं व्यक्त की हैं। उनका आरोप है कि गोदाम में रहने वाले नितिन के संपर्क में रहने के दौरान अजय कपूर को कथित तौर पर बार-बार शराब पिलाई जाती थी। प्रिया का दावा है कि इससे उनके पति का स्वास्थ्य और लिवर खराब हुआ तथा बाद में हृदयाघात से उनकी मृत्यु हो गई। हालांकि, पति की मृत्यु के कारणों और नितिन की कथित भूमिका के संबंध में कोई स्वतंत्र चिकित्सकीय या अन्य प्रमाण उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसलिए इन आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित अभिलेखों के आधार पर ही हो सकेगी।
बिजली कनेक्शन को लेकर भी विवाद सामने आया है। प्रिया का कहना है कि उनके मकान में लगभग दो महीने से बिजली नहीं है। उनके आरोप के अनुसार, गोदाम में व्यावसायिक बिजली मीटर नहीं लगाए जाने को लेकर शिकायत की गई है और बिजली कनेक्शन बहाल कराने के लिए उनसे 50 हजार रुपये की मांग की जा रही है। महिला ने इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बिजली आपूर्ति बाधित होने और कथित रकम की मांग के पीछे वास्तविक कारण क्या हैं।
प्रिया ने अपने शिकायती पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि उनकी सास और ननदों का नितिन के साथ मिलकर उन पर दबाव बनाने में हाथ है। उनका दावा है कि शिकायत करने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिल रही है। हालांकि, संबंधित लोगों के बीच मिलीभगत या किसी प्रकार के भुगतान के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना भी आवश्यक है।
मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर भी प्रिया ने सवाल उठाए हैं। 21 अक्टूबर 2026 को उत्तरी जिला DCP को दिए गए प्रार्थना-पत्र में उन्होंने थाना बाड़ा हिंदू राव में तैनात एएसआई उमा देवी और एसआई सतीश कुमार के कथित व्यवहार की जांच कराने की मांग की है। शिकायत के अनुसार, 20 अक्टूबर को दशहरे के दिन दोनों पुलिसकर्मी दो महिला कांस्टेबलों के साथ उनके घर पहुंचे थे। प्रिया का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें और उनकी बहन को डराया-धमकाया तथा बिना स्पष्ट कानूनी आधार बताए थाने चलने के लिए दबाव बनाया। उनका कहना है कि उनकी बहन ने इस घटना की वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग भी की है, जिसे जांच के दौरान साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
प्रिया के मुताबिक, उन्होंने 19 अक्टूबर 2026 को भी थाना बाड़ा हिंदू राव में लिखित शिकायत दी थी, जिस पर थाने की मुहर लगी हुई है। उनका आरोप है कि शिकायत देने के बाद पुलिसकर्मी लगभग सात लोगों के साथ दोबारा उनके घर पहुंचे, जिससे वह और उनका परिवार भयभीत हो गए। उन्होंने मांग की है कि पूर्व शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप में दी जाए और यह जांच की जाए कि संबंधित पुलिसकर्मियों ने निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया था या नहीं।
महिला ने यह भी बताया कि घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 के तहत न्यायालय में मामला लंबित है। उनके शिकायत-पत्र के अनुसार, मामला शिकायत संख्या 1644/2026 के तहत JMFC न्यायालय, दिल्ली में विचाराधीन है। प्रिया चाहती हैं कि पुलिस उनकी शिकायतों पर कार्रवाई करते समय न्यायालयीन कार्यवाही और लागू आदेशों का ध्यान रखे तथा किसी भी पक्ष के साथ पक्षपात न हो।
पति की मृत्यु, बच्चे की जिम्मेदारी, कथित संपत्ति विवाद, बिजली की समस्या और पुलिस कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों के बीच प्रिया ने अधिकारियों से समय रहते हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने वीडियो-ऑडियो रिकॉर्डिंग, पूर्व शिकायत और न्यायालयीन दस्तावेजों की जांच कराने, नितिन के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष पड़ताल करने तथा पुलिसकर्मियों के आचरण की स्वतंत्र जांच की मांग की है। उनका कहना है कि वह जांच में सहयोग करने और संबंधित साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं।
अब प्रिया शर्मा कपूर को पुलिस और प्रशासन से निष्पक्ष जांच तथा समयबद्ध कार्रवाई की उम्मीद है। और वह चाहती है कि उनकी नंद और सास विजय लक्ष्मी विजय को पेश किया जाए क्योंकि वह पेश नहीं हो रही है और कहीं छपी है
मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल संबंधित पुलिस अधिकारियों, नितिन और ससुराल पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। यह स्पष्ट होना भी जरूरी है कि पूर्व शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है और परिवार को सुरक्षा देने के लिए प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए गए हैं।
