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Monday, September 21, 2026

बाबा बागेश्वर ने कर दिया बड़ा ऐलान, भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए नवरात्रि में निकालेंगे रथ यात्रा

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बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ऐलान किया है कि वह भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए नवरात्रि में रथ यात्रा निकालेंगे। ये यात्रा 5 दिनों तक चलेगी। आइए जानते हैं कि इस यात्रा के बारे में क्या जानकारी सामने आई है।
मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम के प्रमुख और चर्चित महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने रविवार को बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि वह भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए नवरात्रि में 11 तारीख से 5 दिन के लिए रथ यात्रा निकालेंगे। सामने आई जानकारी के अनुसार, बाबा बागेश्वर की ये रथ यात्रा 5 दिन में 500 किलोमीटर तक चलेगी। ये यात्रा 5 जिलों पन्ना, छतरपुर, सागर, दमोह और टीकमगढ़ से निकलेगी।
सैकड़ो साधु-संत होंगे शामिल
आपको बता दें कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र शास्त्री उर्फ ​​बागेश्वर बाबा लगातार भारत तो हिंदू राष्ट्र घोषित करने की वकालत करते रहते हैं। अब वह इसके लिए 5 दिनों में 500 किलोमीटर की रथ यात्रा निकालने जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इस रथ यात्रा में सैकड़ो साधु-संत शामिल होंगे। ये यात्रा 11 अक्टूबर से शुरू होगी और 5 दिन तक चलेगी।

कहां-कहां से गुजरेगी यात्रा?
बागेश्वर बाबा यानी धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने की ये रथ यात्रा छतरपुर के गढ़ा से पन्ना जिला के अजयगढ, फिर पन्ना, अमानगंज, पवई सागर, दमोह, हटा फिर टीकमगढ़ होते हुए गढ़ा तक निकलेगी। ये रथ यात्रा बसों के जरिए होगी। रात्रि विश्राम की जगह क्षेत्रीय लोगों की विपत्ति के निवारण के लिए एक दिन की हनुमान चालीसा, रात्रि हवन और हिंदू राष्ट्र की शपथ भी करवाए जाने की खबर सामने आई है।
पहले भी यात्रा निकाल चुके हैं बाबा बागेश्वर
आपको बता दें कि बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने इससे पहले भी कई यात्राएं निकाली हैं। नवंबर 2024 में उन्होंने हिंदू जोड़ो यात्रा शुरू की थी। 160 किलोमीटर लंबी ये पदयात्रा 21 से 29 नवंबर तक चली थी। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदुओं को जाति-पाति से ऊपर उठकर एकता का संदेश दिया था। इसके एक साल बाद नवंबर 2025 में बाबा बागेश्वर ने 10 दिन की सनातन एकता पदयात्रा निकाली थी। ये यात्रा छतरपुर स्थित आद्य कात्यायनी मंदिर से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर तक पहुंची थी। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग राज्यों से होते हुए अपनी पदयात्रा पूरी की थी। उनकी यह पदयात्रा हिंदुओं में एकता लाने, जातिवाद खत्म करने और देशभक्ति का संदेश फैलाने की बात कही थी।

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