भोजपुर/आरा। बिहार के भोजपुर जिले के बड़हरा थाना क्षेत्र से जमीन कब्जे और पुलिस-प्रशासन की कथित लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता रीना देवी (पति मनीष तिवारी), निवासी तिसखोरा, थाना नौबतपुर, जिला पटना ने आरोप लगाया है कि उन्होंने वर्ष 2018 में मौजा सेमरिया पड़रिया, थाना नं. 73, खाता संख्या-27, खेसरा संख्या-1631 स्थित करीब 45 डिसमिल जमीन निबंधित दस्तावेज के माध्यम से खरीदी थी, लेकिन दबंगों ने उक्त जमीन पर जबरन कब्जा कर पक्का निर्माण और दुकानें बनवाना शुरू कर दिया। पीड़िता के अनुसार जमीन खरीदने के समय वहां केवल पेड़-पौधे थे, लेकिन अब वहां निर्माण कर 5 से 6 दुकानें तक खोल दी गई हैं। रीना देवी का कहना है कि जब उन्होंने निर्माण कार्य का विरोध किया तो उनके साथ गाली-गलौज, धमकी और मारपीट की गई। पुलिस की मौजूदगी में हमला, गहने नोचने का आरोप रीना देवी ने बताया कि 10 जनवरी 2024 को वह पुलिस टीम के साथ विवादित स्थल पर पहुंचीं, तभी विपक्षियों ने पुलिस के सामने हमला कर दिया। आरोप है कि इस दौरान गर्दन से सोने का जिउतिया और लोकिट (लॉकेट) नोच लिया गया और लात-घूंसे से मारपीट की गई, जिससे उन्हें गर्दन में गंभीर चोटें आईं। पीड़िता ने दावा किया कि बचाव में आए उनके बेटे कुमार कौशल के साथ भी मारपीट की गई। हमलावरों द्वारा जान से मारने की धमकी देने की बात भी कही गई है। कोर्ट के आदेश के बावजूद निर्माण जारी पीड़िता के मुताबिक भूमि विवाद में माननीय व्यवहार न्यायालय भोजपुर, आरा ने दिनांक 11/12/2024 को जमीन पर Status Quo (यथास्थिति बनाए रखने) का आदेश दिया था। इसके बावजूद कथित तौर पर न तो आदेश का पालन कराया गया और न ही निर्माण रोका गया। रीना देवी ने आरोप लगाया कि बड़हरा थाना द्वारा स्थल निरीक्षण किए बिना बार-बार झूठी रिपोर्ट दी गई कि वहां कोई निर्माण नहीं हो रहा, जबकि निर्माण लगातार जारी रहा। थाना पर मिलीभगत और पैसे लेने का गंभीर आरोप रीना देवी ने मीडिया को बताया कि थाना स्तर पर विपक्षियों से मिलीभगत की आशंका है। पीड़िता का आरोप है कि थाना कर्मियों ने उनसे एक बार 1000 रुपये और एक बार 500 रुपये लिए, जिसकी रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है। पीड़िता ने कहा कि यदि अदालत मांग करेगी तो वह रिकॉर्डिंग प्रस्तुत करेंगी। डीएम से जांच और कार्रवाई की मांग पीड़िता ने जिला दंडाधिकारी भोजपुर, आरा को दिए आवेदन में मांग की है कि— बड़हरा थाना की निष्क्रियता व पक्षपातपूर्ण रवैये की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। हमले की निष्पक्ष जांच कर FIR दर्ज कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो। कोर्ट के आदेश का पालन कराते हुए जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। पीड़िता व परिवार को सुरक्षा दी जाए। पीड़िता का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वह मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय महिला आयोग और उच्च न्यायालय तक जाने को बाध्य होंगी। पीड़िता: रीना देवी (पति मनीष तिवारी) विवादित भूमि: मौजा सेमरिया पड़रिया, थाना 73, खाता 27, खेसरा 1631 (45 डिसमिल) 📞 मोबाइल: 8987087081, 6204038559 रीना देवी के आवेदन के अनुसार आरोपियों/कब्जाधारियों के नाम ये बताए गए हैं— आलोक तिवारी उर्फ बबलू तिवारी (पिता– स्व. रामलखन तिवारी) अनिल तिवारी की पत्नी निर्मला देवी, मुन्ना तिवारी (पिता– स्व. रामलखन तिवारी) मौसम तिवारी / मौसम कुमार (पिता– मुन्ना तिवारी) विकास तिवारी (पिता– मुन्ना तिवारी) दीपू तिवारी / दीप तिवारी (पिता– स्व. रामलखन तिवारी) सुरेश तिवारी (पिता– रामनारायण तिवारी) अनिल तिवारी (पिता– रामनारायण तिवारी) मोहित तिवारी / मोहित कुमार (पिता– अनिल तिवारी) गोलू तिवारी / रोहित तिवारी (पिता– अनिल तिवारी) रामनारायण तिवारी (मुख्य कब्जाधारी/दुकान किराये पर देने का आरोप)
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