यूपी के दोनों डिप्टी सीएम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब देखा जा रहा है। इस वीडियो में दोनों नेता एक ही छाते को पकड़कर चलते हुए नजर आ रहे हैं।
लखनऊ: यूपी के दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक एक ही छाते के नीचे चलते हुए नजर आए। इसका वीडियो भी सामने आया है। केशव प्रसाद मौर्य ने खुद ये वीडियो अपने एक्स हैंडल पर शेयर किया और लिखा, “कदम मिलाकर चलना होगा, उत्तर प्रदेश का ‘स्वर्णिम कल’ गढ़ना होगा।”
केशव प्रसाद ने सपा को लेकर क्या कहा?
केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, “समाजवादी पार्टी का काम अगर विधानसभा की कार्यवाही में हंगामा करना, शोर-शराबा करना और बाधा डालना है, तो उसे अपना नाम बदलकर ‘हल्ला-गुल्ला पार्टी’ रख लेना चाहिए।”
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “लोकतंत्र में विरोध का सबको अधिकार है, लेकिन सदन की कार्यवाही लगातार बाधित करना न तो लोकतांत्रिक है और न ही जनहित में यह उचित है। जनता ने बहस, समाधान और जवाबदेही के लिए विधायक चुना है, न कि हंगामे और गतिरोध के लिए।
भगवान राम को लेकर भी केशव मौर्य ने सपा को घेरा
केशव प्रसाद मौर्य ने ये भी कहा, “कल तक भगवान श्रीराम से किनारा, आज राम नाम का ही सहारा! भगवान श्रीराम जी को ‘काल्पनिक’ मानने वाली कांग्रेस को भगवान के नाम पर मितली ही आती रही है और सपा तो अपने जन्म से ही ‘सफेद जालीदार टोपी’ से सांस लेने में यकीन करती रही है। लेकिन अब जिस तरह दोनों ही प्रभु श्रीराम जी का नाम ले रहे हैं, तो भरोसा है कि भगवान दोनों की मति ठीक करेंगे।”
गौरतलब है कि केशव प्रसाद मौर्य लगातार सपा पर निशाना साधते रहते हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था, “अब सपा के पास ‘राधे-कृष्ण, राधे-कृष्ण’ का मंत्र जपने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है!”
अखिलेश भी साधते रहते हैं दोनों डिप्टी सीएम पर निशाना
सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी यूपी को दोनों डिप्टी सीएम पर निशाना साधते रहते हैं। सोमवार को ही बृजेश पाठक का एक वीडियो पोस्ट कर अखिलेश यादव ने कहा था, “जब भट्टा ही भ्रष्ट है तो ईंटा तो खराब होगा ही।
भाजपाई कमीशनख़ोरी ही हर भ्रष्टाचार की जड़ है। कैमरे के सामने दिखावा, पीठ पीछे बंटवारा’ ही भ्रष्टाचारी भाजपाइयों की सफ़ेदपोश चाल है।”
हाल ही में अखिलेश ने कहा था, “अब अगर वो जुमलेवाले ‘15 लाख’ भी भाजपा दे दे तो भी जनता ‘चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरी के महापाप, दुखी मां के अपमान, पीडीए पर अत्याचार, बेतहाशा महंगाई, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार, छात्रों-युवाओं पर अत्याचार, शिक्षा-परीक्षा व्यवस्था व किसानी-मजदूरी, व्यापार-कारोबार के ध्वस्त होने, शासन-प्रशासन की ज़्यादतियों जैसे और भी अन्य कारणों से भाजपा को हमेशा के लिए बाहर करने के लिए तैयार बैठी है। अब भाजपा जाएगी, फिर कभी नहीं आएगी! जो भाजपा का साथी, वो रामघाती-महापापी!”
