नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के महरौली क्षेत्र में एक विवाद के बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों ने उनके घर पहुंचकर परिवार के साथ अभद्र व्यवहार किया और बाद में उनके भाई को हिरासत साजिद में लेकर मारपीट की। परिवार का यह भी आरोप है कि स्थानीय थाने में शिकायत देने पहुंचने के बावजूद उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पूरे मामले को लेकर परिवार ने वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।
पीड़िता जोया, निवासी छतरपुर (थाना महरौली क्षेत्र), ने बताया कि 15 जुलाई की रात करीब 1:30 बजे उनके भाई साजिद का मित्र सुमित घर पहुंचा और भाई साजिद के बारे में पूछताछ की। उस समय घर पर मौजूद उनकी मां शकीला ने सुमित का मोबाइल नंबर लेकर कहा कि साजिद के आने पर उनसे बात करवा देंगी। परिवार का कहना है कि इसके कुछ ही समय बाद पुलिस उनके घर पहुंच गई।
परिवार का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने बिना उचित जानकारी दिए उनकी मां शकीला के साथ अभद्र व्यवहार किया और उनका गिरेबान पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस उनके भाई राशिद को अपने साथ लेकर गई और बताया जा रहा है की राशि पहले से ही उनका हाथ फेक्चर इसके बावजूद भी पुलिस ने राशिद की छाती पर और पैर पर मारा है और राशिद पर दबाव बनाकर जहां साजिद गया हुआ था वाहन लेकर गए और साजिद को सातपुते रोड पर बहरेनी से मारा पीटा है और उसके बाद अभी थाने में बंद कर दिया है पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस नशे की हालत में धुंध थे
परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों ने उनके भाई के साथ मारपीट की। उनका कहना है कि जब वे मामले की शिकायत दर्ज कराने संबंधित थाने पहुंचे तो उनकी एफआईआर या लिखित शिकायत दर्ज नहीं की गई। इस कारण परिवार स्वयं को असहाय महसूस कर रहा है।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, घटना के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच हो तथा यदि किसी प्रकार की अनुचित कार्रवाई या मारपीट हुई है तो दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय मिलने के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
