प्रयागराज। करछना थाना क्षेत्र के पनसास पोस्ट के मंतुकापूरा गांव निवासी ज्ञानचंद पाल ने अपनी बुजुर्ग मां शांति देवी की सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि पिछले करीब 14-15 वर्षों से उनकी मां को लगातार परेशान किया जा रहा है। आरोप है कि कुछ लोग मिलकर उनकी मां का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल कर चुके हैं और आए दिन डराने-धमकाने की घटनाएं होती रहती हैं।
ज्ञानचंद पाल का कहना है कि जब वह छोटे थे, तभी उनके पिता चिंतामणि पाल की मौत हो गई थी। पीड़ित के अनुसार उनके पिता को कुछ लोग बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए थे और बाद में गंगा नदी में उनकी हत्या कर दी गई। इस पुराने घटनाक्रम के बाद से ही परिवार की परेशानियां बढ़ती चली गईं। हालांकि इन गंभीर आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच या किसी स्वतंत्र स्रोत से नहीं हुई है।
पीड़ित का आरोप है कि उनकी मां शांति देवी लंबे समय से अकेले रह रही हैं। जब ज्ञानचंद रोजी-रोटी के सिलसिले में मुंबई चले गए तो उनकी मां गांव में अकेली रह गईं। इसी दौरान कथित तौर पर कुछ लोगों ने बाहरी युवकों को बुलाकर उनकी मां को परेशान करना शुरू कर दिया। ज्ञानचंद का कहना है कि लगातार भय और दबाव के कारण उनकी मां सामान्य जीवन भी नहीं जी पा रही हैं।
रात में घर पर पत्थर फेंकने और हथियार दिखाकर डराने का आरोप
ज्ञानचंद पाल के मुताबिक रात के समय कभी उनके घर पर पत्थर फेंके जाते हैं तो कभी कथित रूप से चाकू, तलवार और तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी जाती है। उनका आरोप है कि घर के आसपास संदिग्ध लोगों की आवाजाही भी रहती है, जिससे उनकी मां हमेशा भयभीत रहती हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि कई वर्षों से चल रही कथित प्रताड़ना के कारण शांति देवी मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं।
बेटी और छोटी बच्ची को भी अपशब्द कहने का आरोप
पीड़ित ने आरोप लगाया कि विवाद और धमकी का असर परिवार की अन्य महिलाओं और बच्चों तक पहुंच गया है। उनका कहना है कि उनकी बेटी ज्योति और परिवार की अन्य महिला सदस्यों के साथ भी कथित तौर पर गाली-गलौज की जाती है। आरोप है कि छोटी बच्ची ज्योति को भी अपशब्द कहे जाते हैं और कथित रूप से कट्टे से धमकी देने की बात कही जाती है। परिवार का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से बच्चों में भी डर का माहौल बना हुआ है।
मां को दवा देकर परेशान करने का भी लगाया आरोप
ज्ञानचंद पाल ने उनके चाचा की बेटी मंजू पर आरोप लगाते हुए कहा कि मंजू आवारा किस्म की लड़की है और यह तीन बार नाजायज बच्चे भी गिर चुकी है इतना ही नहीं कथित तौर पर उनकी मां सरस्वती को नींद की गोली अथवा दवा खिलाने का प्रयास किया जाता है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अन्य महिलाएं भी मंजू के साथ मिलकर उनकी मां को परेशान करती हैं। हालांकि दवा दिए जाने और इससे संबंधित आरोपों की चिकित्सकीय अथवा पुलिस स्तर पर पुष्टि होना अभी बाकी है।
कई लोगों के साथ मिलीभगत का आरोप
पीड़ित ने मंजू के अलावा कुछ अन्य लोगों पर भी उसके साथ मिलकर परेशान करने का आरोप लगाया है। ज्ञानचंद पाल का कहना है कि लालसा प्रसाद की पत्नी, विश्वकर्मा , कल की पत्नी विश्वकर्मा और भूलन की पत्नी कली की पत्नी समेत कुछ अन्य लोग कथित रूप से इस पूरे मामले में मंजू का साथ दे रहे हैं। पीड़ित परिवार ने सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।
सुनवाई नहीं होने से परिवार परेशान
ज्ञानचंद पाल का कहना है कि परिवार लंबे समय से परेशान है और उन्हें कहीं से भी उचित मदद नहीं मिल पा रही है। उनका कहना है कि उनकी मां शांति देवी अकेली हैं और लगातार डर के माहौल में जीवन गुजार रही हैं। परिवार को आशंका है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कोई गंभीर घटना हो सकती है।
पीड़ित ने पुलिस-प्रशासन से लगाई सुरक्षा की गुहार
ज्ञानचंद पाल ने करछना थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपों की सत्यता की जांच करने और उनकी मां सहित परिवार के सदस्यों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। परिवार का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है
