कटिहार। बिहार के कटिहार जिले के बलिया बेलौन थाना क्षेत्र से दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक विवाहिता ने अपने पति पर दहेज की मांग को लेकर लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देने, बेरहमी से मारपीट करने तथा गला दबाकर हत्या की कोशिश करने का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता जैनब खातून ने पुलिस को दिए गए आवेदन में बताया कि करीब तीन वर्ष पूर्व उसका निकाह मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार रैयापुर निवासी मोहम्मद जमील अख्तर आलम के साथ हुआ था। पीड़िता का दावा है कि पति की इससे पहले तीन शादियां हो चुकी थीं और वह उनकी चौथी पत्नी है। विवाह के शुरुआती कुछ महीनों तक वैवाहिक जीवन सामान्य रहा, लेकिन इसके बाद दहेज की मांग को लेकर विवाद शुरू हो गया।
आरोप है कि पति लगातार मायके से चार लाख रुपये नकद, एक मोटरसाइकिल और सोने-चांदी के जेवरात लाने का दबाव बनाता था। मांग पूरी नहीं होने पर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। विरोध करने पर गाली-गलौज की जाती थी और कई बार उसके साथ मारपीट भी की गई।
पीड़िता के अनुसार 20 सितंबर 2025 की रात करीब 10 बजे वह खाना खाने के बाद सोने जा रही थी। इसी दौरान दहेज की मांग को लेकर पति ने विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि पहले उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और फिर बाल पकड़कर जमीन पर पटक दिया गया। इसके बाद लाठी तथा हाथ-पैरों से उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। पीड़िता का कहना है कि मारपीट के निशान लंबे समय तक उसके शरीर पर बने रहे।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि मारपीट के दौरान आरोपी पति का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उसने विवाहिता की छाती पर बैठकर दोनों हाथों से उसका गला दबाना शुरू कर दिया। पीड़िता के अनुसार दम घुटने से उसकी हालत गंभीर हो गई थी। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और हस्तक्षेप करते हुए उसे बचाया। यदि समय पर लोग नहीं पहुंचते तो कोई बड़ी घटना हो सकती थी।
विवाहिता ने आरोप लगाया कि घटना के बाद उसे घर से धक्का देकर बाहर निकाल दिया गया। साथ ही दोबारा घर आने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीड़िता का कहना है कि घर से निकाले जाने के बाद पति ने न तो उसके भरण-पोषण की कोई व्यवस्था की और न ही उसकी कोई जानकारी ली।
पीड़िता ने बताया कि मामले को परिवार और समाज के स्तर पर सुलझाने की कोशिश भी की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद उसने बलिया बेलौन थाना पहुंचकर लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पीड़िता की तहरीर के आधार पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट, जान से मारने की कोशिश, धमकी देने तथा अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। महिला अधिकारों से जुड़े लोगों का कहना है कि दहेज प्रथा आज भी समाज के लिए एक गंभीर अभिशाप बनी हुई है और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है, ताकि पीड़ित महिलाओं को न्याय मिल सके और समाज में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
आरोपित पक्ष
मामले में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं उनमें जमील अंसारी, सायदी, मुन्ताजिर, नसरीन, जाबून, आमीन, जाकिर निवासी रैयापुर, जब्बार निवासी सीरोल चराग, सिद्दीक निवासी जाजा भसीकपुर, सहरुल, आईन निवासी रैयापुर तथा इदरीस शामिल बताए गए हैं। जनैब की यह प्रशासन से अपील है कि उनकी सुनवाई होना चाहिए
