बाकी झुग्गियां जस की तस, सिर्फ एक परिवार के घर पर कार्रवाई का आरोप; प्रशासन से वैकल्पिक आवास की मांग
नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के ओखला इंडस्ट्रियल एस्टेट क्षेत्र में हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद एक परिवार के सामने रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हरकेश नगर, मुख्य मथुरा मार्ग के पास रहने वाली रानी पत्नी पप्पू खान का आरोप है कि उनका परिवार वर्ष 1994 से इसी स्थान पर झुग्गी बनाकर रह रहा था और यहीं रहकर अपना जीवन यापन कर रहा था। हाल ही में हुई कार्रवाई में उनका घर बुलडोजर से तोड़ दिया गया, जिसके बाद परिवार बेघर हो गया है।
रानी का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान केवल उनके ही घर को निशाना बनाया गया, जबकि आसपास की अन्य झुग्गियां और निर्माण अभी भी मौजूद हैं। उनका कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी तो फिर सभी प्रभावित स्थानों पर समान कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
उन्होंने बताया कि वर्षों की मेहनत से उन्होंने अपने परिवार के लिए छोटा सा आशियाना बनाया था। यही घर उनके रहने, सामान रखने और रोजमर्रा की जिंदगी का सहारा था। लेकिन बुलडोजर कार्रवाई के बाद देखते ही देखते उनका घर मलबे में बदल गया और परिवार के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई।
रानी ने प्रशासन से सवाल किया कि आखिर उनके परिवार के साथ ही यह कार्रवाई क्यों की गई। उन्होंने मांग की कि अगर कार्रवाई नियमों के तहत हुई है तो उन्हें इसकी पूरी जानकारी दी जाए और यदि कार्रवाई गलत तरीके से हुई है तो उन्हें न्याय दिलाया जाए।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से अपील की है कि या तो उनका आशियाना वापस दिलाया जाए या फिर रहने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित जीवन जी सकें।
रानी का कहना है कि वे किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते, लेकिन वर्षों से जिस जगह को अपना घर मानकर रह रहे थे, उसके टूट जाने के बाद उनके पास प्रशासन से न्याय की उम्मीद ही बची है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कार्रवाई में समानता बरतने की मांग की है।
