आजमगढ़ जिले के महाराजगंज कोतवाली क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवती को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और घर से 10 लाख रुपये के जेवरात व नकदी चोरी करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। पीड़िता ने इस संबंध में कोतवाली प्रभारी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से परिवार में आक्रोश और भय का माहौल है।
मामला कोतवाली महाराजगंज क्षेत्र के ग्राम देवाय हरखपुरा कौव्वापुर का है। यहां की रहने वाली मालती देवी पत्नी रामदरश यादव ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी 18 वर्षीय पुत्री मंशिका को अरुण यादव पुत्र रामशंकर यादव निवासी आमबंदी खेड़ा बमोरिया खुर्द थाना बागर मभ जिला उन्नाव ने अपने साथियों के साथ मिलकर साजिश के तहत भगा लिया। पीड़िता का आरोप है कि घटना 19 जनवरी 2026 की है, जब अरुण यादव अपने पिता रामशंकर यादव, देवा यादव, सुनील यादव समेत अन्य लोगों के साथ चार पहिया गाड़ी से उनके खेत और घर के आसपास आया।
मालती देवी के अनुसार उस समय घर में कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था। इसी का फायदा उठाकर आरोपी युवती मंशिका को चोरी-छिपे अपने साथ ले गए। इतना ही नहीं, आरोप है कि जाते समय घर में रखे कीमती जेवरात और नकदी भी समेट ले गए। जब प्रार्थिनी घर लौटी और अंदर जाकर देखा तो घर का ताला टूटा हुआ था। अलमारी और संदूक खंगाले जा चुके थे।
पीड़िता के अनुसार घर से
सोने की जंजीर, झुमके, पायल, मंगलसूत्र सहित कई अन्य कीमती आभूषण गायब थे। इसके अलावा करीब दस हजार रुपये नकद भी नहीं मिले। ये जेवरात प्रार्थिनी के साथ-साथ उनकी बड़ी बेटी अंशिका के थे, जिन्हें शादी और पारिवारिक उपयोग के लिए संभालकर रखा गया था।
घटना के बाद से परिवार सदमे में है। एक तरफ नाबालिग बेटी के गायब होने की चिंता, दूसरी ओर घर में हुई चोरी ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया है। मालती देवी का कहना है कि उन्होंने तत्काल कोतवाली महाराजगंज में शिकायत दी और रिपोर्ट दर्ज कर उचित कार्रवाई की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।
पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए, युवती को सकुशल बरामद किया जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। गांव में भी इस घटना को लेकर दहशत का माहौल है और लोग पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।
अब देखना यह है कि पुलिस इस सनसनीखेज मामले में कब तक कार्रवाई करती है और पीड़ित परिवार को कब न्याय मिल पाता है।
