गुरदासपुर/बटाला। पंजाब के गुरदासपुर जिले के बटाला क्षेत्र से एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर मानसिक प्रताड़ना, बेटी के जन्म के बाद परेशान करने और कथित तौर पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता अमनप्रीत कौर का कहना है कि शादी के बाद से ही उसे ससुराल में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। अब हालात ऐसे हो गए हैं कि वह पिछले करीब दो महीने से अपनी छोटी बेटी के साथ मायके में रहने को मजबूर है। पीड़िता का आरोप है कि वैवाहिक विवाद अदालत तक पहुंचने के बावजूद उसे अब तक राहत नहीं मिली है और इसी बीच उसके पति ने कथित तौर पर तलाक हुए बिना किसी अन्य महिला से सगाई भी कर ली है। इन परिस्थितियों से परेशान अमनप्रीत अब अपनी और अपनी बेटी के भविष्य को लेकर न्याय की मांग कर रही है।
पीड़िता के मुताबिक, उसकी शादी करीब चार साल पहले तनवीर सिंह के साथ हुई थी। शादी के बाद वह अपने ससुराल बटाला के भगवान नगर, काहनुवान रोड के पास रहने लगी। दंपती की एक बेटी है, जिसका नाम जैप्लिन बताया गया है और उसकी उम्र करीब तीन साल है। अमनप्रीत का आरोप है कि बेटी के जन्म के बाद ससुराल में उसके प्रति व्यवहार और अधिक परेशान करने वाला हो गया। उसका कहना है कि उसे बेटी पैदा होने को लेकर ताने दिए जाते थे और इसी बात को लेकर मानसिक रूप से परेशान किया जाता था। एक मां के लिए अपनी संतान के जन्म पर इस तरह के कथित व्यवहार का सामना करना बेहद पीड़ादायक है।
अमनप्रीत कौर ने अपनी शिकायत में सास सुखविंदर कौर का भी जिक्र किया है। पीड़िता के अनुसार, ससुराल में रहने के दौरान उसे लगातार मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा। उसका आरोप है कि परिवार में उसकी धार्मिक मान्यताओं को लेकर भी विवाद होता था और उस पर अपना धर्म बदलने के लिए दबाव बनाया जाता था। अमनप्रीत का कहना है कि वह सिख धर्म को मानती है और गुरु नानक देव जी में उसकी आस्था है। उसके अनुसार, उसे अपने तरीके से रब का नाम लेने और पूजा-पाठ करने से भी रोका जाता था। पीड़िता का आरोप है कि उसे कहा जाता था कि घर में इस तरह रब का नाम नहीं लिया जाता। इन परिस्थितियों के कारण वह खुद को ससुराल में असहाय महसूस करने लगी थी।
पीड़िता का कहना है कि पति तनवीर सिंह भी कथित तौर पर परिवार के अन्य सदस्यों की बातों के अनुसार व्यवहार करते थे और उसे अपेक्षित सहयोग नहीं मिलता था। अमनप्रीत के मुताबिक, वैवाहिक जीवन में जब उसे पति के साथ और सहयोग की जरूरत थी, तब उसकी परेशानियां कम होने के बजाय बढ़ती चली गईं। उसका आरोप है कि उसे अपनी धार्मिक आस्था और निजी मान्यताओं के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता भी नहीं मिल रही थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में पति तथा ससुराल पक्ष का पक्ष सामने आना बाकी है।
अमनप्रीत के अनुसार, लगातार विवाद और कथित प्रताड़ना के चलते उसे आखिरकार अपनी बेटी के साथ मायके लौटना पड़ा। वह पिछले करीब दो महीने से अपने मायके गांव धरमकोट रंधावा, थाना डेरा बाबा नानक क्षेत्र में रह रही है। पीड़िता का कहना है कि छोटी बच्ची की जिम्मेदारी उसके ऊपर है और वह अपनी परिस्थितियों के बीच किसी तरह घर-परिवार चला रही है। पति से अलग रहने के कारण उसे अपनी बेटी की परवरिश, भविष्य और आर्थिक जिम्मेदारियों को लेकर भी चिंता बनी हुई है। उसका कहना है कि वह चाहती है कि उसकी बेटी को सुरक्षित माहौल मिले और उसे अपने अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष न करना पड़े।
पीड़िता ने अपने वैवाहिक विवाद को लेकर बटाला की अदालत में मामला चलने की बात भी कही है। उसका आरोप है कि न्याय पाने के लिए प्रयास करने के बावजूद उसे अब तक अपेक्षित राहत नहीं मिली है। इसी बीच अमनप्रीत ने यह भी दावा किया है कि उसके पति ने तलाक हुए बिना किसी अन्य महिला से सगाई कर ली है। इस कथित सगाई की परिस्थितियों और कानूनी स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। पीड़िता का सवाल है कि जब उसका वैवाहिक रिश्ता अभी कानूनी रूप से समाप्त नहीं हुआ है, तो उसके पति द्वारा दूसरी सगाई किए जाने के मामले की जांच क्यों नहीं होनी चाहिए। वह चाहती है कि संबंधित अधिकारी पूरे मामले और उसके द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करें।
अमनप्रीत कौर का कहना है कि उसकी सबसे बड़ी चिंता अपनी छोटी बेटी का भविष्य है। वह चाहती है कि बच्ची को उसका अधिकार मिले और उसकी परवरिश तथा सुरक्षा को लेकर उचित व्यवस्था हो। पीड़िता के मुताबिक, वह लंबे समय से मानसिक तनाव झेल रही है और अब चाहती है कि उसकी शिकायत को गंभीरता से सुना जाए। उसने संबंधित अधिकारियों से वैवाहिक विवाद, कथित प्रताड़ना, धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप और बिना तलाक दूसरी सगाई किए जाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
यह मामला विवाहिता के वैवाहिक अधिकारों, धार्मिक स्वतंत्रता और बच्ची के भविष्य से जुड़े गंभीर सवाल उठाता है। हालांकि, मामले में निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच और संबंधित पक्षों का बयान सामने आना जरूरी है। फिलहाल अमनप्रीत कौर अपनी बेटी के साथ मायके में रह रही है और न्याय की उम्मीद लगाए बैठी है। उसकी मांग है कि उसकी बात सुनी जाए, आरोपों की जांच हो और उसे तथा उसकी बेटी को न्याय मिले।
विशेष संवाददाता कंचन की रिपोर्ट
