दादरी क्षेत्र के समाधिपुर गांव में रास्ते को लेकर चल रहा विवाद अब गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। गांव निवासी राजवीर ने आरोप लगाया है कि रास्ते के विवाद के कारण उनके परिवार और आसपास के लोगों को लंबे समय से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि इस विवाद का असर केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मोहल्ले के बच्चों, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों पर भी पड़ रहा है।
राजवीर के अनुसार, गांव के जिस रास्ते को लेकर विवाद चल रहा है, उसी के कारण आए दिन तनाव की स्थिति बनी रहती है। उनका कहना है कि बच्चों को स्कूल आने-जाने में दिक्कत होती है, वहीं बुजुर्गों को इलाज और दवाइयों के लिए बाहर निकलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या का समाधान आज तक नहीं हो पाया, जिससे लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
राजवीर ने बताया कि उनके भाई उदयवीर ने जब इस रास्ते के मुद्दे को उठाया और इसका समाधान कराने की कोशिश की, तभी सामने वाले पक्ष के हरेन्द्र ने कथित रूप से उनके साथ मारपीट की, गाली-गलौज की और बाद में उल्टा उनके भाई के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी। उनका आरोप है कि शिकायत के आधार पर पुलिस ने उदयवीर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि वास्तविक दोषी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
राजवीर का यह भी आरोप है कि हरेन्द्र ने कथित रूप से पुलिस पर प्रभाव डालकर और पैसे के बल पर कार्रवाई अपने पक्ष में करवा ली। उनका कहना है कि उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर जरूर है, लेकिन ईमानदार है और केवल अपने अधिकार तथा गांव के रास्ते की समस्या के समाधान की मांग कर रहा था। उनका आरोप है कि बिना निष्पक्ष जांच के उनके भाई को गिरफ्तार कर लिया गया।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, वास्तविक तथ्यों को सामने लाने और दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि गरीब और कमजोर लोगों के साथ इस प्रकार का व्यवहार न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। परिवार ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन निष्पक्ष जांच कर उन्हें न्याय दिलाएगा।
