गुलाबगंज थाना क्षेत्र के काली चौक निवासी संतोष मंडल का पारिवारिक विवाद इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। परिजनों के अनुसार, पहली पत्नी से रिश्तों में आई खटास के बाद संतोष मंडल ने करीब तीन वर्ष पहले झरना सिंघो से दूसरा विवाह किया था। परिवार का कहना है कि झरना सिंघो के पिता का नाम दुख्खन सिंघो है और वह ग्राम–सबदलपुर, डाकघर–मालदा, थाना–बैष्णवनगर, जिला–मालदा, पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं। बताया जा रहा है कि दोनों का विवाह विधिवत पंजीकृत कराया गया था, जिस पर करीब दो लाख रुपये खर्च किए गए थे। परिवार को उम्मीद थी कि नई शुरुआत से जीवन फिर से सामान्य हो जाएगा, लेकिन कुछ वर्षों बाद ही यह रिश्ता भी संकट में पड़ गया।
परिजनों का आरोप है कि करीब एक माह पहले झरना सिंघो अपने मायके चली गईं। आरोप है कि वहां जाने के बाद उन्होंने पांच माह का गर्भपात भी करा लिया। इसके बाद से वह न तो ससुराल लौटी हैं और न ही संतोष मंडल से किसी प्रकार की बातचीत कर रही हैं। बताया जा रहा है कि संतोष मंडल ने कई बार संपर्क करने और रिश्ते को बचाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला।
जानकारी के अनुसार, संतोष मंडल की पहली पत्नी से तीन बेटे हैं। परिजनों का कहना है कि दूसरी शादी के बाद उन्होंने पहली पत्नी और बच्चों से भी दूरी बना ली। आरोप है कि वह बच्चों के पालन-पोषण और खर्च की जिम्मेदारी भी नहीं निभा रहे हैं। अब दूसरी पत्नी के अलग हो जाने के बाद उनका पूरा परिवार बिखराव की स्थिति में पहुंच गया है।
लगातार बढ़ते पारिवारिक तनाव और मानसिक परेशानियों के बीच संतोष मंडल रोजी-रोटी की तलाश में केरल चले गए हैं, जहां वह मजदूरी कर अपना जीवनयापन कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि वह चाहते हैं कि झरना सिंघो वापस लौट आएं और दोनों फिर से साथ रहें, लेकिन अब तक उनकी वापसी नहीं हो सकी है।
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि झरना सिंघो का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। ऐसे में मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। दोनों पक्षों का पक्ष सामने आने और संबंधित तथ्यों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
