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Thursday, October 22, 2026

लुधियाना में मजदूर के शोषण का गंभीर आरोप, डेढ़ महीने काम कराने के बाद मजदूरी नहीं देने की शिकायत, मोबाइल तोड़ने और मारपीट का भी दावा

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पंजाब 13 से 14 घंटे रोज काम करने का आरोप, सूरज और उनके साथ काम करने वाले परिजनों ने खन्ना ब्रदर्स कंपनी से जुड़े मामले में न्याय की गुहार लगाई पंजाब के लुधियाना से मजदूरों के साथ कथित शोषण का एक गंभीर मामला सामने आया है। सूरज नाम के एक युवक ने आरोप लगाया है कि वह पिछले करीब डेढ़ महीने से लुधियाना में काम कर रहा था। इस दौरान उससे प्रतिदिन 13 से 14 घंटे तक काम कराया जाता था। सूरज का कहना है कि उसके साथ उसके भाई, भतीजे और आकाश सहित अन्य लोग भी काम कर रहे थे। सभी मेहनत करके अपने परिवार का भरण-पोषण करने की उम्मीद में यहां आए थे, लेकिन अब उन्हें अपनी मेहनत की कमाई के लिए परेशान होना पड़ रहा है।

खन्ना ब्रदर्स के नाम से संचालित कंपनी पर आरोप सूरज के अनुसार, वह लुधियाना में खन्ना ब्रदर्स के नाम से चल रही कंपनी से जुड़े काम में लगा हुआ था। उसने बताया कि उसने करीब डेढ़ महीने तक लगातार मेहनत की और लंबे समय तक काम किया। इसके बावजूद उसकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि जब मजदूरों ने अपनी मेहनत की कमाई मांगी तो विवाद की स्थिति बन गई।

मोबाइल तोड़ने और मारपीट का भी आरोप सूरज ने आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया गया और उसके साथ मारपीट भी की गई। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामला केवल मजदूरी के भुगतान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कथित मारपीट और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर पहलुओं की भी जांच जरूरी होगी।

परिवार के लोगों के साथ काम करने पहुंचे थे मजदूर बताया जा रहा है कि सूरज के साथ उसके परिवार के अन्य सदस्य भी काम कर रहे थे। मजदूरों का कहना है कि वे अपना घर छोड़कर रोजी-रोटी कमाने के लिए आए थे। लंबे समय तक काम करने के बाद भी भुगतान नहीं मिलने की शिकायत ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। हालांकि, मजदूरी की कुल बकाया राशि, कंपनी की ओर से दिए गए जवाब और घटना के संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज होने की स्थिति की पुष्टि अभी आवश्यक है।

प्रशासन से न्याय की गुहार इस मामले में संबंधित श्रम विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन से मांग है कि मजदूरों की शिकायत की निष्पक्ष जांच की जाए। यदि मजदूरी बकाया है, तो नियमानुसार उसका भुगतान सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही मोबाइल तोड़ने और मारपीट के आरोपों की भी जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।

सवाल यह है कि दिन-रात मेहनत करके परिवार चलाने वाले मजदूरों को अपनी ही कमाई के लिए क्यों परेशान होना पड़े। क्या संबंधित अधिकारी सूरज और उनके साथ काम करने वाले अन्य लोगों की शिकायत सुनकर उन्हें न्याय दिलाएंगे?

फिलहाल, मामले के सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और कंपनी या संबंधित पक्ष का जवाब सामने आना बाकी है।

लुधियाना में मजदूरों के शोषण का आरोप, 13 से 14 घंटे काम के बाद भी मजदूरी नहीं मिलने की शिकायत है।

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