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Saturday, September 26, 2026

1 हफ्ते में 10,000 रुपये सस्ती हुई चांदी, सोने के भाव में भी 4000 रुपये की बड़ी गिरावट

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शुक्रवार को सोने की कीमतें 200 रुपये की मामूली बढ़त के साथ 1,52,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई।
राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने की कीमतें 200 रुपये की मामूली बढ़त के साथ 1,52,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। इसके साथ ही, सोने की कीमतों में लगातार 4 सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला भी थम गया। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और डॉलर के नरम पड़ने से निवेशकों को उतार-चढ़ाव भरे सप्ताह के बाद कुछ राहत मिली। शनिवार और रविवार को सर्राफा बाजार बंद रहते हैं।
एक हफ्ते में 10,000 रुपये सस्ती हुई चांदी
सर्राफा कारोबारियों ने बताया कि 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना गुरुवार को 1,52,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, चांदी की कीमत 2.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही। व्यापारियों ने बताया कि निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी से लगातार चार सत्रों की गिरावट के बाद सोने की कीमतों में सुधार हुआ। हालांकि, सप्ताह के दौरान सोने की कीमत में 4000 रुपये यानी 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि चांदी की कीमत में 10,000 रुपये यानी 4 प्रतिशत की गिरावट आई।

कीमती धातुओं के लिए कम हुई हैं कुछ मुख्य चुनौतियां
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटी) सौमिल गांधी ने कहा, ”शुक्रवार को सोने की कीमत में मामूली सुधार देखा गया क्योंकि कीमती धातुओं के लिए कुछ मुख्य चुनौतियां कम हुई। कच्चे तेल की कीमत और अमेरिकी डॉलर हाल के उच्चतम स्तर से नीचे आए।” गांधी ने कहा कि सुधार के बावजूद, सप्ताह की शुरुआत में डॉलर में भारी बढ़ोतरी के कारण सोने में साप्ताहिक आधार पर गिरावट आई।

विदेशी बाजार में महंगा हुआ सोना और चांदी
ये सुधार विदेशी बाजारों में भी समान रूप से देखा गया। वहां हाजिर सोना 27.73 डॉलर यानी लगभग 1 प्रतिशत बढ़कर 4,301.40 डॉलर प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी 1.4 प्रतिशत बढ़कर 64.72 डॉलर प्रति औंस रही। कोटक सिक्योरिटीज की कायनात चेनवाला ने कहा, ”शुक्रवार को हाजिर सोना की कीमत में थोड़ी बढ़त हुई और ये फिर से 4,300 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गया, जबकि चांदी की कीमत भी बढ़कर 65 डॉलर के करीब पहुंच गई। इससे पिछले दो सत्रों की गिरावट से उबरने में मदद मिली। अमेरिकी डॉलर में नरमी और बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी के बाद बॉन्ड मार्केट में स्थिरता ने इस सुधार को समर्थन दिया।

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