सोमवार को शेयर बाजार में रौनक देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि निफ्टी फिर से 24,000 के करीब पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
लगातार पांच कारोबारी सत्र तक गिरावट झेलने के बाद सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने दमदार वापसी की। हफ्ते की शुरुआत निवेशकों के लिए राहत भरी रही। कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेतों ने बाजार का माहौल बेहतर कर दिया। इसी का असर रहा कि सेंसेक्स 776.01 अंक की तेजी के साथ 76,835.78 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 228.50 अंक चढ़कर 23,995.95 पर पहुंच गया। आईटी, मीडिया, रियल्टी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जबकि तेल और गैस सेक्टर दबाव में रहा।
आज के कारोबार में एटरनल, इंडिगो (इंटरग्लोब एविएशन), इंफोसिस, बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस के शेयर सबसे ज्यादा चढ़े। इन शेयरों में अच्छी खरीदारी के चलते बाजार को मजबूती मिली। दूसरी ओर ONGC, सिप्ला, HDFC लाइफ, HDFC बैंक और अडानी पोर्ट्स के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे कुछ दबाव भी बना रहा।
इन सेक्टरों में रही सबसे ज्यादा तेजी
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी मीडिया सबसे आगे रहा और इसमें 2.50% की तेजी दर्ज हुई। इसके बाद निफ्टी आईटी 2.28% और रियल्टी इंडेक्स 2.01% चढ़ा। ऑटो, फार्मा, एफएमसीजी, बैंक, इंफ्रा और मेटल सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। हालांकि ऑयल एंड गैस सेक्टर दिनभर दबाव में रहा और हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने भी दिखाया दम
बाजार की तेजी सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी शानदार खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स करीब 1% और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.3% की बढ़त के साथ बंद हुआ। इससे साफ है कि निवेशकों का भरोसा व्यापक बाजार में भी लौटा है।
आखिर क्यों लौटी बाजार में तेजी?
बाजार की वापसी की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट को माना जा रहा है। ब्रेंट क्रूड करीब 9% टूटकर 89.04 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव कम होने से सप्लाई बाधित होने की आशंका घटी है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए सस्ता कच्चा तेल राहत की खबर है। इससे महंगाई का दबाव कम हो सकता है, कंपनियों की लागत घट सकती है और अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिल सकता है। यही वजह रही कि पांच दिन की लगातार बिकवाली के बाद निवेशकों ने एक बार फिर खरीदारी शुरू की और शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली।
रुपये में आई मजबूती
शेयर बाजार की तेजी के साथ भारतीय रुपये में भी सुधार देखने को मिला। रुपया डॉलर के मुकाबले 68 पैसे मजबूत होकर 95.89 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इससे विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ने और आयात लागत कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
