धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले में एक 17 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। मृतका के परिजनों ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या करार देते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं मामले में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार नवादा निवासी नरेश मांझी ने आरोप लगाया है कि उनकी 17 वर्षीय नातिन नोकिया कुमारी की मौत को आत्महत्या बताकर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। नोकिया कुमारी धनबाद जिले के भालगढ़ा टीना चौड़ा क्षेत्र की रहने वाली थी। परिजनों का कहना है कि उन्हें 7 जून 2026 को सूचना मिली कि किशोरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।
सूचना मिलते ही नाना और अन्य परिजन नवादा से धनबाद पहुंचे। वहां पहुंचकर जब उन्होंने शव को देखा तो उन्हें मौत की परिस्थितियां संदिग्ध लगीं। नाना नरेश मांझी का आरोप है कि उनकी नातिन की हत्या की गई है और बाद में उसे आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया। उन्होंने मृतका के पिता मतलू भुईयां पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने मामले की जानकारी स्थानीय थाना पुलिस को दी और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की, तब उन्हें उचित सहयोग नहीं मिला। परिवार का आरोप है कि पुलिस द्वारा उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिससे उनके मन में संदेह और गहरा हो गया। पीड़ित पक्ष का दावा है कि कुछ लोगों को बचाने के लिए पूरे मामले को आत्महत्या बताने की कोशिश की जा रही है।
घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मौत की परिस्थितियां संदिग्ध हैं तो मामले की गहन जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। किशोरी की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
नरेश मांझी ने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि उनकी नातिन की हत्या हुई है तो दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए और उन्हें कानून के तहत कठोर से कठोर सजा मिलनी चाहिए।
फिलहाल मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक जांच जारी रहने की बात कही जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किशोरी की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई और कारण था। पूरे क्षेत्र की निगाहें अब जांच के निष्कर्ष पर टिकी हुई हैं।
