मधेपुरा। बिहार के मधेपुरा जिले से एक वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। चौसा थाना क्षेत्र के सोहुरा टोला निवासी एक परिवार ने आरोप लगाया है कि मुथूट फाइनेंस से लिए गए ऋण की मासिक किस्तें नियमित रूप से जमा करने के बावजूद दो महीने की राशि बैंक के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हुई। पीड़ित परिवार का दावा है कि किस्त वसूलने वाला व्यक्ति नकदी लेकर फरार हो गया, जिसके कारण अब उनसे दोबारा भुगतान करने के लिए कहा जा रहा है।
पीड़ित परिवार के अनुसार, हेमा देवी पति जियालाल के नाम पर मुथूट फाइनेंस से लगभग 50 हजार रुपये का ऋण लिया गया था। ऋण की मासिक किस्त करीब 2,650 रुपये थी, जिसे वे समय-समय पर किस्त संग्रह करने आने वाले व्यक्ति को नकद देते रहे। परिवार का कहना है कि वे इस भरोसे में थे कि उनकी रकम बैंक में जमा हो रही है और ऋण का भुगतान नियमित रूप से चल रहा है।
परिजनों का आरोप है कि लगातार दो महीने तक किस्त की राशि लेने के बावजूद संबंधित व्यक्ति ने वह पैसा बैंक में जमा नहीं किया। जब उन्होंने शाखा में जाकर ऋण की स्थिति की जानकारी ली तो पता चला कि दो माह की किस्त बैंक के रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं है। इसके बाद परिवार के होश उड़ गए।
पीड़ितों का कहना है कि बैंक अधिकारियों ने उन्हें बताया कि रिकॉर्ड में भुगतान नहीं दिख रहा है, इसलिए बकाया किस्त दोबारा जमा करनी होगी। इससे परिवार आर्थिक संकट में आ गया है। उनका कहना है कि उन्होंने ईमानदारी से किस्तें अदा की थीं, इसलिए उनसे दोबारा भुगतान कराना अन्याय होगा।
परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित किस्त संग्रहकर्ता के खिलाफ कार्रवाई करने और उनकी जमा की गई राशि को ऋण खाते में समायोजित करने की मांग की है। पीड़ितों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उनके ऊपर अनावश्यक वित्तीय बोझ बढ़ जाएगा।
फिलहाल यह आरोप पीड़ित परिवार द्वारा लगाए गए हैं। मामले में संबंधित वित्तीय संस्था या आरोपित किस्त संग्रहकर्ता का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। जांच के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
