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Monday, July 6, 2026

शेयर बाजार में फिर लौटी रौनक! सेंसेक्स 521 अंक उछला, निफ्टी 24,430 के पार बंद; जानिए किन शेयरों ने निवेशकों को कराया तगड़ा मुनाफा?

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सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स 521 अंक की तेजी के साथ 78,285 पर और निफ्टी 159 अंक चढ़कर 24,430 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में एक ही दिन में 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का इजाफा हुआ।
भारतीय शेयर बाजार ने हफ्ते की शुरुआत शानदार तेजी के साथ की। सोमवार को लगातार खरीदारी के दम पर सेंसेक्स 521.16 अंक चढ़कर 78,285.07 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 159.50 अंक की बढ़त के साथ 24,430.35 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में भी जबरदस्त इजाफा हुआ। सिर्फ एक कारोबारी सत्र में निवेशकों की दौलत 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ गई। वहीं पिछले चार कारोबारी सत्रों में निवेशकों ने करीब 8 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति बनाई है।
सोमवार की तेजी के चलते बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़कर 482 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले कारोबारी सत्र में 480 लाख करोड़ रुपये था। वहीं 30 जून से अब तक बाजार में लगातार तेजी बनी हुई है और इस दौरान सेंसेक्स करीब 1,800 अंक तथा निफ्टी 565 अंक चढ़ चुका है।

इन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा ताकत
आज के कारोबार में HDFC बैंक, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, ONGC, बजाज ऑटो और महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) के शेयर सबसे ज्यादा फायदे में रहे। दूसरी ओर कोटक महिंद्रा बैंक, TCS, मैक्स हेल्थकेयर, बजाज फिनसर्व और कोल इंडिया के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। अगर सेक्टर की बात करें तो रियल्टी सेक्टर सबसे आगे रहा और इसमें 1.8% की तेजी आई। इसके अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑटो, ऑयल एंड गैस, मेटल और एनर्जी सेक्टरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। हालांकि मीडिया, PSU बैंक और IT सेक्टर दबाव में रहे।

आखिर बाजार में तेजी की वजह क्या रही?
बाजार में तेजी आने के पीछे कई बड़े कारण हैं। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतें करीब 72 डॉलर प्रति बैरल पर बनी हुई हैं। इससे भारत की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर दबाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है। इसके अलावा अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की आशंका कम हुई है। अच्छी मानसून की स्थिति, विदेशी निवेशकों (FPI) की वापसी और वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में कंपनियों के बेहतर नतीजों की उम्मीद ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। NSDL के आंकड़ों के मुताबिक, 3 जुलाई तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 708 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
यदि कच्चे तेल की कीमतें कंट्रोल में रहती हैं और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो भारतीय शेयर बाजार में आने वाले दिनों में भी सकारात्मक माहौल बना रह सकता है। हालांकि, वैश्विक संकेतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।

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