29.9 C
Munich
Thursday, July 16, 2026

चार साल बाद न्याय की गुहार: जौनपुर की विधवा का बड़ा आरोप, “पति की संदिग्ध मौत की सच्चाई सामने आए, नहीं तो जान देने को मजबूर हो जाऊंगी”

Must read

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की रहने वाली डिंपल उपाध्याय ने अपने पति विनय उपाध्याय की वर्ष 2021 में हुई संदिग्ध मौत को लेकर एक बार फिर न्याय की लड़ाई शुरू कर दी है। करीब चार वर्षों तक विभिन्न कार्यालयों और अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद अब वह गुजरात के दमन पहुंचकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही हैं। पीड़िता का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वह अपनी लड़ाई जारी रखेंगी। उनका यह भी कहना है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह अपने और अपने बच्चे के जीवन को समाप्त करने जैसा कठोर कदम उठाने पर मजबूर हो सकती हैं।

डिंपल उपाध्याय के अनुसार उनकी शादी वर्ष 2014 में विनय उपाध्याय से हुई थी। दोनों की एक आठ वर्षीय बेटी है। उनके पति गुजरात में एक कंपनी में नौकरी करते थे और रात के समय एक बीयर बार में भी रहते थे। पीड़िता का आरोप है कि पति शराब के प्रभाव में रहते थे और पारिवारिक जीवन भी ठीक नहीं चल रहा था। इसी दौरान जिस मकान में वे किराए पर रहते थे, उसके मालिक प्रदीप भाई से विवाद हुआ। डिंपल का आरोप है कि उनके पति ने मकान मालिक के कथित अवैध संबंधों का विरोध किया था, जिसके बाद उनके साथ मारपीट की गई और पुलिस में मामला भी दर्ज हुआ। बाद में कथित रूप से दबाव बनाकर बयान बदलवाया गया और मामला समाप्त करा दिया गया।

पीड़िता का कहना है कि 21 जुलाई 2021 की सुबह जब वह घर से बाहर निकलीं तो उनके पति का शव घर के बाहर पड़ा मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन उन्हें चौकी में बैठा लिया गया और पति को अस्पताल ले जाया गया। उनका आरोप है कि पुलिस ने उन्हें किसी भी कार्रवाई की जानकारी नहीं दी। बाद में यह कहकर मामला समाप्त कर दिया गया कि उनके पति का लीवर खराब था, जबकि उनका दावा है कि उनके पति की हत्या की गई थी।

डिंपल का आरोप है कि उन्हें आज तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई और न ही यह बताया गया कि उनके पति की मौत आखिर किन परिस्थितियों में हुई। उनका कहना है कि अंतिम संस्कार भी पुलिस की मौजूदगी में कराया गया और पूरे मामले की जानकारी उनसे छिपाई गई।

पीड़िता का यह भी आरोप है कि पति की मौत के बाद मकान मालिक ने उनका सामान भी निकलवा दिया, जिसके कारण उन्हें गुजरात छोड़कर अपने मायके और फिर उत्तर प्रदेश स्थित ससुराल जाना पड़ा। वहां भी उन्हें लगातार मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।

डिंपल उपाध्याय का कहना है कि वर्ष 2025 के बाद वह दोबारा दमन पहुंची हैं और अब उन्होंने तय किया है कि किसी भी कीमत पर पति की मौत की सच्चाई सामने लाकर रहेंगी। उनका आरोप है कि पति की मौत के पीछे बीयर बार और उससे जुड़े कुछ लोगों की भूमिका हो सकती है, जिसकी निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है।

पीड़िता ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दमन लौटने के बाद एक स्थानीय दुकानदार लगातार उन्हें धमका रहा है। उसके अनुसार दुकानदार बार-बार कहता है कि वह उनका अपहरण कर सकता है और उनके साथ कुछ भी कर सकता है। इन कथित धमकियों के कारण वह और उनकी बेटी लगातार भय के साये में जीवन जी रहे हैं।

डिंपल ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि उनके पति की संदिग्ध मौत की दोबारा निष्पक्ष जांच कराई जाए, पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, पूरे मामले की पुनः विवेचना हो तथा उन्हें और उनकी बेटी को सुरक्षा प्रदान की जाए। उनका कहना है कि चार वर्षों से न्याय के लिए संघर्ष कर रही हैं, लेकिन अब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिला है।

इस मामले की तुरंत कार्यवाही होना चाहिए और महिला को इंसाफ मिलना चाहिए ताकि वह अपने बच्ची का जीवन यापन कर सके

- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Latest article