उन्नाव (उत्तर प्रदेश)। उन्नाव जिले के गंगाघाट थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव में 9 भैंसों की चोरी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित ग्रामीणों ने न केवल संगठित पशु चोरी गिरोह पर गंभीर आरोप लगाए हैं, बल्कि स्थानीय पुलिस पर भी चोरों से मिलीभगत करने, कार्रवाई में लापरवाही बरतने और शिकायतकर्ताओं को डराने-धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार ग्राम मिर्जापुर, पोस्ट शंकरपुर सराय, थाना गंगाघाट निवासी बेचेलाल, रमेश, रानी, सुधा और जय नारायण की कुल 9 भैंसें 15 जुलाई 2026 से 25 जुलाई 2026 के बीच अलग-अलग रातों में चोरी हो गईं। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन भैंसों का कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद पीड़ित गंगा बैराज चौकी पहुंचे, जहां उनका आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज करने के बजाय उन्हें वहां से भगा दिया।
पीड़ितों का कहना है कि 27 जुलाई 2026 को उन्हें जानकारी मिली कि हाजीपुर चौकी पुलिस ने कथित तौर पर चोरी में प्रयुक्त पिकअप वाहन संख्या यूपी-78-केटी-9560 और पांच संदिग्धों को पकड़ लिया था। ग्रामीणों के अनुसार पकड़े गए लोगों में जितेंद्र उर्फ बौनी, अरदीप, मोहित, लुक्का और तुषार शामिल थे, जो सभी गंगाघाट थाना क्षेत्र के फत्तेपुर गांव के निवासी बताए गए हैं। दावा किया गया है कि वाहन से जय नारायण की एक भैंस भी बरामद हुई थी।
हालांकि, पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि गंगा बैराज और हाजीपुर चौकी पुलिस ने कथित सांठगांठ के चलते चोरी में शामिल तीन आरोपियों को छोड़ दिया। इतना ही नहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि उसी रात करीब 12 बजे पुलिस जय नारायण के घर पहुंची, घर में घुसकर उन्हें और उनके बेटे को जबरन उठा ले गई तथा रास्ते में सुलह करने का दबाव बनाया। पीड़ितों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें धमकी दी कि यदि समझौता नहीं किया तो उन्हें और उनके बेटे को बुरी तरह पीटकर जेल भेज दिया जाएगा। बाद में पूरी रात चौकी में बैठाने के बाद सुबह छोड़ दिया गया।
प्रार्थना पत्र में चोरी हुई भैंसों की अनुमानित कीमत भी बताई गई है। इसके अनुसार बेचेलाल की दो भैंसों की कीमत लगभग 2.50 लाख रुपये, रानी की दो भैंसों की 2 लाख रुपये, सुधा की दो भैंसों की 2.40 लाख रुपये, रमेश की दो भैंसों की 2.60 लाख रुपये तथा जय नारायण की एक भैंस की कीमत 1.20 लाख रुपये बताई गई है। कुल मिलाकर ग्रामीणों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान होने का दावा किया गया है।
पीड़ित परिवारों ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, पशु चोरी में शामिल आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने, कथित पुलिस मिलीभगत की जांच कराने तथा पीड़ित परिवारों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। आरोपों की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हो सकी है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
