बदायूं। दातागंज क्षेत्र में कक्षा पांच पास करने वाली छात्रा अंशिका की ट्रांसफर सर्टिफिकेट यानी TC को लेकर विवाद सामने आया है। मामले में विद्यालय की ओर से खंड शिक्षा अधिकारी को दिए गए जवाब में शिकायतकर्ता पर IGRS पोर्टल पर गलत शिकायत करने और TC में कथित छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया गया है। वहीं छात्रा के पिता प्रमोद कुमार ने जिलाधिकारी को शिकायत देकर विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर TC में बार-बार नाम और जन्मतिथि गलत दर्ज करने तथा सही TC देने के बदले 1000 रुपये मांगने का आरोप लगाया है।
विद्यालय का दावा- प्रवेश पंजिका में जन्मतिथि 25 मई 2015 दर्ज
प्राथमिक विद्यालय भटौली की ओर से खंड शिक्षा अधिकारी दातागंज को दिए गए पत्र में बताया गया कि छात्रा अंशिका, पिता प्रमोद तथा माता सुनीता की पुत्री है। छात्रा कक्षा पांच में सत्र 2025-26 में पास आउट हुई। विद्यालय के अनुसार उसका प्रवेशांक 4428 है और प्रवेश पंजिका में जन्मतिथि 25 मई 2015 दर्ज है।
विद्यालय का कहना है कि छात्रा का प्रवेश 23 सितंबर 2021 को उसके आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर किया गया था। कक्षा छह में प्रवेश के लिए छात्रा को स्थानांतरण प्रमाण पत्र दिया गया, जिसमें विद्यालय की प्रवेश पंजिका के अनुसार जन्मतिथि दर्ज की गई।
स्कूल का आरोप- TC में 2015 को 2016 करने की कोशिश
विद्यालय की ओर से अधिकारियों को भेजे गए जवाब में आरोप लगाया गया कि शिकायतकर्ता ने स्थानांतरण प्रमाण पत्र में छेड़छाड़ करते हुए जन्म वर्ष 2015 की जगह 2016 करने की कोशिश की और इसके बाद IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई कि विद्यालय की ओर से उनकी पुत्री का TC नहीं दिया जा रहा है।
विद्यालय का दावा है कि शिकायतकर्ता को TC की मूल प्रति 9 अप्रैल 2026 को प्राप्त करा दी गई थी। स्कूल के अनुसार शिकायतकर्ता अपनी इच्छा के अनुसार TC में जन्मतिथि बदलवाना चाहता है, जो नियमों के अनुरूप नहीं है। विद्यालय ने शिकायत को गलत बताते हुए शिकायतकर्ता के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।
पिता का पलटवार- तीन बार काटी गई TC, हर बार गलती
दूसरी ओर छात्रा के पिता प्रमोद कुमार ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में विद्यालय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी पुत्री अंशिका ने वर्ष 2026 में कक्षा पांच की परीक्षा उत्तीर्ण की। आरोप है कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने पहली TC जारी की तो उसमें छात्रा का नाम गलत दर्ज था। इसके बाद दूसरी TC में नाम और जन्मतिथि दोनों गलत कर दिए गए।
प्रमोद कुमार का आरोप है कि इसके बाद तीसरी TC जारी की गई, जिसमें छात्रा का नाम तो सही कर दिया गया, लेकिन जन्मतिथि गलत दर्ज कर दी गई। उनका कहना है कि सही TC जारी करने के बदले उनसे 1000 रुपये की मांग की जा रही है।
‘90 प्रतिशत दिव्यांग हूं, फिर भी पैसे मांगने का आरोप’
प्रमोद कुमार ने जिलाधिकारी को बताया कि वह 90 प्रतिशत दिव्यांग हैं। उनका कहना है कि ऐसी आर्थिक और शारीरिक स्थिति में भी यदि सही दस्तावेज के लिए उनसे पैसे मांगे जा रहे हैं तो यह गंभीर मामला है। उन्होंने प्रशासन से पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है।
IGRS शिकायत को लेकर भी सामने आया विवाद
मामले में सबसे बड़ा विवाद IGRS शिकायत को लेकर है। विद्यालय का कहना है कि शिकायतकर्ता को मूल TC पहले ही उपलब्ध कराई जा चुकी थी और इसके बावजूद जन्मतिथि बदलवाने के उद्देश्य से शिकायत की गई। वहीं छात्रा के पिता का कहना है कि विद्यालय ने बार-बार गलत TC जारी की और सही दस्तावेज उपलब्ध कराने में परेशानी पैदा की।
दोनों पक्षों के आरोपों में विरोधाभास होने के कारण अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रा की मूल जन्मतिथि से संबंधित अभिलेखों में क्या दर्ज है, TC में गलतियां किस स्तर पर हुईं और कथित 1000 रुपये की मांग का आरोप कितना सही है।
डीएम से जांच और सही TC दिलाने की मांग
प्रमोद कुमार ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, विद्यालय के प्रधानाध्यापक की भूमिका की जांच करने और उनकी पुत्री अंशिका को सही विवरण वाली TC उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं विद्यालय की ओर से भी शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
अब मामला शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सामने है। यदि जांच में दस्तावेजों में जानबूझकर बदलाव, गलत रिकॉर्ड तैयार करने या पैसे मांगने के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है। वहीं यदि TC में कथित छेड़छाड़ का आरोप सही पाया जाता है तो शिकायतकर्ता की भूमिका की भी जांच हो सकती है।
