ईरान और अमेरिका के बीच रुक-रुककर ही सही लेकिन बातचीत हो रही है। हालांकि, इस बीच ईरान ने बड़ी धमकी जारी की है। ईरान ने कहा है कि वह अयातुल्लाह खामेनेई के खून का बदला लेकर रहेगा।
मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच जंग तो रुक चुकी है लेकिन शांति पूरी तरह से कब स्थापित होगी इसकी अनुमान लगाना मुश्किल होता चला जा रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार ईरान को धमकी दे चुके हैं तो वहीं, ईरान भी लगातार अमेरिका को अंजाम भुगतने की चेतावनी दे रहा है। अब ईरान ने एक और नई धमकी जारी की है। ईरान ने कहा है कि वह अयातुल्लाह खामेनेई के खून का बदला लेकर रहेगा।
ईरान ने क्या कहा?
बीबीसी ने अपनी रिपोर्ट में ईरानी मीडिया के हवाले से बताया है कि ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में सचिव का पद संभाल रहे मोहम्मद बाकर जोलकद्र का साइन किया हुआ एक संदेश सामने आया है। इस संदेश में लिखा है- “अयातुल्लाह अली खामेनेई के खून का बदला उनके हत्यारों से निश्चित तौर पर लिया जाएगा।” आपको बता दें कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई की मौत हो गई थी। इस हमले में ईरान के कई अन्य बड़े अधिकारियों की भी मौत हो गई थी। खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह का आयोजन 4 से 8 जुलाई तक होने जा रही है।
अमेरिका-ईरान में तनाव बरकरार
अमेरिका-ईरान में तो फिलहाल जंग रुकी हुई है लेकिन टेंशन बरकरार है। क्योंकि ईरान ने क्लियर कट कह दिया है कि वो अमेरिका से सीधे बात नहीं करेगा। ईरान ने अमेरिका से बातचीत से इनकार कर दिया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने अब तक MoU की शर्तें पूरी नहीं की हैं। जब तक अमेरिका अपने वादे पूरे नहीं करता तब तक ईरान उससे बातचीत नहीं करेगा।
क्या है ईरान की शर्त?
ईरान की शर्त है कि जब तक लेबनान से इजरायल की फोर्स नहीं हटती है तब तक वो बातचीत नहीं करेगा। इस कारण दोहा में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधि मंडल के बीच कोई बातचीत नहीं हुई। अमेरिका की ओर से ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेयर्ड कुशनर दोहा में हैं लेकिन ईरानी प्रतिनिधि मंडल ने उनसे बातचीत से इनकार कर दिया। उधर, ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान से परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
