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Monday, September 14, 2026

कौन हैं ‘हनुमान अंश’ की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? नीम करोली बाबा की भक्ति में हुईं लीन, फिल्म के लिए लगा दी पूरी जमा-पूंजी

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हनुमान अंश’ की 21 वर्षीय प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर चर्चाओं में हैं। उन्होंने खुद खुसाला किया है कि अपनी सारी जमा-पूंजी उन्होंने ये फिल्म बनाने के लिए लगा दी। इसके पीछे की वजह उन्होंने नीम करोली बाबा के प्रभाव को बताया है।
अगस्त में जब फिल्म ‘हनुमान अंश’ सिनेमाघरों में रिलीज हुई, तब इसे लेकर बहुत ज्यादा शोर सुनने को नहीं मिला। फिल्म ने बिना किसी बड़े प्रचार के थिएटर में दस्तक दी, लेकिन धीरे-धीरे दर्शकों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया ने इसकी चर्चा बढ़ा दी। नीम करोली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक विरासत पर आधारित इस फिल्म ने अब बॉक्स ऑफिस पर 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने का दावा किया है। फिल्म की सफलता के बीच इसकी 21 वर्षीय प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर भी चर्चा में हैं। खास बात यह है कि अनुप्रिया ने फिल्म की पोस्ट-प्रोडक्शन के दौरान प्रोजेक्ट से जुड़कर अपनी यूके की जमा-पूंजी का बड़ा हिस्सा इसमें लगा दिया था।

फिल्म से कैसे जुड़ीं अनुप्रिया नागर?
अनुप्रिया नागर ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में बताया कि फिल्म को तीन महिलाओं ने प्रोड्यूस किया है और वह इन तीनों में सबसे कम उम्र की हैं। जब वह इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनीं, तब फिल्म की शूटिंग और मुख्य निर्माण का काम पूरा हो चुका था। टीम के सामने पोस्ट-प्रोडक्शन के लिए अतिरिक्त फंड की जरूरत थी। फिल्म की कहानी और इसके आध्यात्मिक विषय से अनुप्रिया इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने अपनी बचत इस प्रोजेक्ट में लगाने का फैसला किया। उनके लिए यह महज एक फिल्म में निवेश करने का फैसला नहीं था। अनुप्रिया ने बताया कि इस कहानी से उनका भावनात्मक जुड़ाव बन गया था। यही वजह रही कि कम उम्र में होने के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत से जुटाई गई रकम फिल्म के पोस्ट-प्रोडक्शन में लगा दी। हालांकि वह यह भी स्पष्ट कर चुकी हैं कि फिल्म का पूरा बजट उन्होंने अकेले नहीं लगाया। उनके मुताबिक, कुल बजट में उनका योगदान करीब एक-तिहाई रहा।
नीम करोली बाबा से क्यों प्रभावित हुईं अनुप्रिया?
अनुप्रिया नागर का कहना है कि नीम करोली बाबा ने भारत के साथ-साथ विदेशों में भी कई लोगों को प्रभावित किया। उन्होंने खास तौर पर लैरी ब्रिलियंट और स्टीव जॉब्स जैसे नामों का जिक्र किया। उनके मुताबिक बाबा की लोकप्रियता और उनके प्रभाव के बावजूद भारत में बहुत से लोग उनके जीवन और विचारों से परिचित नहीं हैं। यही बात अनुप्रिया को इस कहानी की ओर खींच लाई। वह चाहती हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग नीम करोली बाबा के जीवन के बारे में जानें और उनके आश्रम तक पहुंचें। फिल्म के साथ उनका जुड़ाव इसी भावना से मजबूत होता गया। अनुप्रिया ने फिल्म की सफलता को भी बाबा का आशीर्वाद और चमत्कार बताया।

फिल्म बनाने से पहले करीब एक साल हुई रिसर्च
‘हनुमान अंश’ को तैयार करने से पहले इसकी टीम ने नीम करोली बाबा के जीवन को समझने के लिए लंबे समय तक रिसर्च की। अनुप्रिया के मुताबिक, करीब एक साल तक टीम ने बाबा से जुड़े स्थानों का दौरा किया और उन लोगों से मुलाकात की, जो उनके जीवन से किसी न किसी रूप में जुड़े रहे थे। रिसर्च के दौरान टीम चित्रकूट और वृंदावन समेत कई जगहों पर पहुंची। इस दौरान बाबा के जीवन, उनके आध्यात्मिक सफर और उनसे जुड़े अनुभवों को समझने की कोशिश की गई। इसी रिसर्च के आधार पर फिल्म की कहानी को आकार दिया गया।
मुंबई में जन्म, ब्रिटेन में पढ़ाई
अनुप्रिया नागर का जन्म मुंबई में हुआ था। इसके बाद वह पढ़ाई के लिए ब्रिटेन चली गईं, जहां उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ बाथ से इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की। उनकी सोशल मीडिया प्रोफाइल में उन्हें इकोनॉमिस्ट, आर्टिस्ट और फिल्म प्रोड्यूसर के तौर पर बताया गया है। कला के क्षेत्र से उनका जुड़ाव भी काफी कम उम्र में शुरू हो गया था। उन्होंने महज 12 साल की उम्र में अपनी कलाकृतियों को प्रदर्शित करना शुरू कर दिया था। आगे चलकर यूनिवर्सिटी ऑफ बाथ में उन्होंने आर्ट, डांस और बिजनेस से जुड़े सोसाइटीज में नेतृत्व की जिम्मेदारियां भी संभालीं। वह यूनिवर्सिटी की वुमन इन बिजनेस सोसाइटी से भी जुड़ी रहीं। उनकी अकादमिक रुचियों में इनोवेटिव इकोसिस्टम बैंकिंग जैसे विषयों पर रिसर्च भी शामिल रही है।

सिर्फ 2 करोड़ में बनी ‘हनुमान अंश’
‘हनुमान अंश’ का निर्देशन और लेखन विशाल चतुर्वेदी ने किया है। फिल्म में चंदन आनंद और शोभिनव सत्य मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्माण महज करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में किया गया था और यह 7 अगस्त को बिना बड़े प्रमोशनल शोर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई। कहानी लक्ष्मण दास के जीवन और उनके आध्यात्मिक परिवर्तन पर केंद्रित है। फिल्म दिखाती है कि किस तरह लक्ष्मण दास आगे चलकर नीम करोली बाबा के रूप में श्रद्धालुओं के बीच सम्मानित हुए। कहानी उनके किशोरावस्था के दौर से शुरू होकर उनके आध्यात्मिक सफर और लोगों के बीच उनकी बढ़ती श्रद्धा तक पहुंचती है। फिल्म का निर्माण स्वंभु मीडिया नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड, रागिनी एस, नम्रता जीएस और अनुप्रिया ए नागर ने मिलकर किया है। फिल्म की कम बजट में बनी यात्रा से लेकर बॉक्स ऑफिस पर मिली सफलता तक अनुप्रिया नागर की कहानी इस प्रोजेक्ट के सबसे दिलचस्प पहलुओं में से एक बन गई है।

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