गोरखपुर।
रामगढ़ताल थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसके खरीदे हुए मकान का दरवाजा तोड़कर न केवल कीमती सामान चोरी कर लिया गया, बल्कि घर पर जबरन कब्जा भी कर लिया गया। पीड़िता कुसुम देवी पत्नी मनोज, निवासी ग्राम मझरिया, थाना रामगढ़ताल, जिला गोरखपुर ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़िता के अनुसार उन्होंने करीब पांच वर्ष पहले महेश मौर्या से मकान खरीदा था। मकान के बगल में खाली जमीन भी थी। आरोप है कि विक्रेता पक्ष ने बाद में साजिश के तहत गणेश निषाद नामक व्यक्ति को आगे कर दिया और फिर कथित रूप से मकान कृष्णा देवी को बेच दिया।
कुसुम देवी का कहना है कि 18 फरवरी की रात लगभग 11 बजे मीना देवी पत्नी मनोज निषाद समेत अन्य लोगों ने मिलकर उनके मकान का दरवाजा तोड़ दिया। आरोप है कि घर में रखा लगभग दो लाख रुपये का कीमती सामान, विद्युत मीटर और अन्य घरेलू वस्तुएं जबरन निकाल ली गईं। इतना ही नहीं, दरवाजा उखाड़कर अपनी ओर से नया दरवाजा लगा दिया गया और मकान पर कब्जा कर लिया गया।
पीड़िता ने बताया कि घटना के समय उनका परिवार अस्पताल में था। दामाद का पैर टूटने के कारण पूरा परिवार इलाज के लिए बाहर गया हुआ था। इसी दौरान इस वारदात को अंजाम दिया गया। जब 19 फरवरी की सुबह उन्हें जानकारी मिली तो वे तत्काल थाने पहुंचे, लेकिन आरोप है कि उनकी शिकायत पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
कुसुम देवी का कहना है कि मकान, बिजली कनेक्शन और पानी का कनेक्शन उनके नाम पर है। इसके बावजूद उन्हें घर से बेदखल कर दिया गया है। अब स्थिति यह है कि परिवार के पास रहने के लिए छत नहीं बची और वे दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि मामले में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे मामलों में दबंगई और बढ़ सकती है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर प्रकरण में क्या कदम उठाता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।
