बिहार के मधुबनी जिले से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक महिला ने आरोप लगाया है कि पुराने जमीन विवाद को लेकर करीब 80 लोगों के एक कथित गिरोह ने उसे लगातार प्रताड़ित किया और कई महीनों तक अलग-अलग जगहों पर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता का कहना है कि उसने कई बार पुलिस और प्रशासन से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब महिला ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़िता सबीला खातुन, उम्र लगभग 35 वर्ष, ने बताया कि उनकी शादी 19 मई 2011 को मोहम्मद बदरूल के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार हुई थी। शादी के समय उनके माता-पिता आर्थिक रूप से कमजोर थे। पीड़िता का आरोप है कि शादी के बाद उनके मामा और रिश्तेदारों ने उनसे और उनके पति से पैसे मांगे और जमीन खरीद कर घर बनवाने का वादा किया। पीड़िता के अनुसार उनके पति ने करीब आठ लाख चालीस हजार रुपये उन्हें दिए, लेकिन जमीन नहीं खरीदी गई और पैसे भी वापस नहीं किए गए। इसी को लेकर वर्षों से विवाद चलता रहा।
महिला का आरोप है कि वर्ष 2024 में इस विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि 10 जनवरी 2024 को कुछ लोग उनके घर आए और बातचीत के बहाने उन्हें अंदर बंद कर दिया। इसके बाद उनके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए गए और पूरी घटना का वीडियो भी बना लिया गया। पीड़िता का कहना है कि इसी वीडियो को आधार बनाकर कई लोगों ने उन्हें लगातार ब्लैकमेल किया और धमकी दी कि अगर वह उनकी बात नहीं मानेगी तो उनके पति की हत्या कर दी जाएगी।
महिला का आरोप है कि इसके बाद लगभग 2 सालों तक अलग-अलग जगहों पर उसे ले जाकर उसके साथ गलत काम किया गया। पीड़िता का कहना है कि शहर में करीब छह स्थानों पर ऐसे अड्डे बनाए गए थे, जहां उसे ले जाया जाता था। इतना ही नहीं, झंझारपुर में भी तीन जगहों पर उसे परेशान किया गया। पीड़िता का दावा है कि इस पूरे मामले में कई पुरुषों के साथ-साथ कुछ महिलाओं की भी भूमिका रही, जो उसे धमकाकर अलग-अलग जगहों पर ले जाती थीं।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि पूरे मामले के पीछे जमीन विवाद भी एक बड़ा कारण है। उनके ससुर मोहम्मद अलाउद्दीन के नाम पर लहेरियागंज इलाके में करीब एक बीघा जमीन है, जिसकी बाजार में काफी कीमत है। महिला का आरोप है कि उसी जमीन को कब्जाने के लिए कुछ लोगों ने एक गिरोह बनाकर उनके परिवार को निशाना बनाया और उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है।
महिला का कहना है कि इस मामले में कई नाम सामने आए हैं, जिनमें कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोग और वार्ड पार्षद , आलम सरदार, एयनुल, मोहम्मद लाल , साहब, जाकिर, जाहिर, सोनू, मुर्तुजा डॉक्टर, नन्हे, रुस्तम, फूल ऊर्जा, आहिद झा, संजय झा संतोष निखिल सन्नी, गुलाब, रुखसाना खातून, सुल्तान खातून, अफसाना खातून, और अन्य करीब 80 शामिल बताए जा रहे हैं। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी लगातार धमकी देते हैं कि यदि वह उनके कहे अनुसार काम नहीं करेगी तो उसके पति को जान से मार दिया जाएगा। इस डर के कारण वह लंबे समय तक चुप रही, लेकिन अब मामला असहनीय हो गया है।
पीड़िता ने बताया कि उसने इस मामले को लेकर मधुबनी, पंडौल, झंझारपुर और अन्य 10 से 15 जगह पर आवेदन दिए, लेकिन कहीं भी कोई सुनवाई नहीं हुई। महिला का आरोप है कि आरोपी प्रभावशाली होने के कारण मामला दबाया जा रहा है। और लगातार पति को मारने की धमकी दी जा रही है अब पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
पीड़िता और उसका परिवार अब प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि समय रहते उन्हें न्याय मिलेगा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में किसी और महिला को इस तरह की पीड़ा न झेलनी पड़े।
