मधुबनी। जिले के एक गांव में बच्चा चोर की अफवाह ने एक महिला की जिंदगी को संकट में डाल दिया। मानसिक रूप से अस्वस्थ बताई जा रही एक महिला को कुछ लोगों ने बच्चा चोर समझकर बेरहमी से पीट दिया। घटना के बाद से महिला लापता है और उसके पति ने अनहोनी की आशंका जताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की गुहार लगाई है।
पीड़ित पति ने बताया कि वह वार्ड नंबर 10 का स्थायी निवासी है। उसकी पत्नी रंगालादेवी लंबे समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ रहती है। 1 मई 2026 की सुबह करीब 10 बजे वह घर से चुपके से निकल गई थी। दोपहर करीब 1 बजे गांव के आसपास के लोगों ने उसे देखा, जिसके बाद कुछ लोगों ने उसे बच्चा चोर समझ लिया। आरोप है कि आकाश कुमार समेत कई लोगों ने मिलकर महिला को घेर लिया और लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।
पीड़ित का कहना है कि हमले के दौरान उसकी पत्नी के सिर और आंख पर गंभीर चोटें आईं और वह खून से लथपथ हो गई। मारपीट के बाद महिला वहां से गायब हो गई और तब से उसका कोई पता नहीं चल पाया है। पति ने आरोप लगाया है कि इस घटना में आकाश कुमार समेत चार अन्य अज्ञात लोग शामिल थे, जिन्होंने मिलकर उसकी पत्नी के साथ बर्बरता की।
पति ने बताया कि उसने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन अब तक पत्नी का कोई सुराग नहीं मिला है। इस कारण उसे आशंका है कि कहीं आरोपियों ने उसकी पत्नी की हत्या तो नहीं कर दी। पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उसकी पत्नी का जल्द से जल्द पता लगाया जाए।
वहीं पीड़ित परिवार का कहना है कि वे लगातार थाने और प्रशासन के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। परिवार ने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो एक निर्दोष महिला के साथ हुई यह अमानवीय घटना न्याय के बिना ही दबकर रह जाएगी।
परिजनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।
