अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक को बिरयानी लेने के लिए घर से बाहर जाना भारी पड़ गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने युवक को रास्ते से उठाकर उसके ऊपर जबरन गांजा रखने का आरोप लगाते हुए जेल भेज दिया। इस मामले को लेकर परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, अलीगढ़ के मऊपुर भाऊपुर क्षेत्र के रहने वाले अशोक कुमार ने आरोप लगाया है कि उनका 23 वर्षीय बेटा दीपू 9 अप्रैल को पाली चौराहा पर बिरयानी लेने गया था। उसी दौरान पुलिसकर्मियों ने उसे वहां से उठा लिया और घर लौटने का मौका भी नहीं दिया। परिवार का कहना है कि युवक को सीधे थाने ले जाकर उसके खिलाफ करीब दो किलो से अधिक गांजा बरामद होने का मामला दर्ज कर दिया गया और बाद में चालान काटकर उसे जेल भेज दिया गया।
पीड़ित पिता अशोक कुमार का कहना है कि उनका बेटा निर्दोष है और उसके पास से किसी भी प्रकार का मादक पदार्थ बरामद नहीं हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने जबरन गांजा दिखाकर उनके बेटे को फंसा दिया। परिवार का कहना है कि दीपू घर का सबसे बड़ा बेटा है और वही परिवार का मुख्य सहारा था। उसकी कमाई से ही पूरे घर का खर्च चलता था।
अशोक कुमार ने बताया कि वह खुद गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और लंबे समय से बिस्तर पर ही हैं। ऐसे में बेटे के जेल जाने के बाद परिवार पर आर्थिक और मानसिक संकट गहरा गया है। पीड़ित पिता का कहना है कि उन्होंने कई जगह गुहार लगाई, लेकिन अभी तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
परिवार का आरोप है कि पुलिस उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है और बिना ठोस सबूत के उनके बेटे को जेल में बंद कर दिया गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अगर उनका बेटा निर्दोष है तो उसे जल्द से जल्द रिहा किया जाए।
अशोक कुमार ने भावुक अपील करते हुए कहा कि वह गरीब परिवार से हैं और बीमारी के कारण खुद कहीं आ-जा भी नहीं सकते। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन उनकी पीड़ा को समझेगा और उनके बेटे को न्याय दिलाने के लिए उचित कदम उठाएगा।
