सहरसा जिले के महिषी प्रखंड क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां खेत में गेहूं की कटाई के दौरान एक परिवार पर हमला, मारपीट, छेड़खानी और रंगदारी मांगने के आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक प्रशासन और पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे परिवार भय और तनाव के माहौल में जीने को मजबूर है।
भंथी वार्ड संख्या 05, थाना जलई निवासी भोला देवी ने थाना अध्यक्ष सहरसा को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि 10 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 6 बजे वह अपने परिजनों के साथ खतियानी जमीन पर गेहूं काट रही थीं। इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचकर अचानक हमला कर दिया। आवेदन के अनुसार, हमलावर लाठी और फरसा जैसे हथियारों से लैस थे और उन्होंने खेत में मौजूद महिलाओं और पुरुषों के साथ बेरहमी से मारपीट की।
इन सब लड़ाई झगड़े में दो मुख्य आरोपी भी शामिल हैं गंगा प्रसाद यादव और शिव शरण यादव इनकी मुख्य भूमिका है
पीड़िता का आरोप है कि हमलावरों ने दो लाख रुपये की रंगदारी की मांग करते हुए धमकी दी कि जब तक रकम नहीं दी जाएगी, तब तक खेत में फसल नहीं काटने दी जाएगी। विरोध करने पर परिवार के कई सदस्यों को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। आवेदन में यह भी कहा गया है कि महिलाओं और लड़कियों के साथ अभद्र व्यवहार, कपड़े खींचने और छेड़खानी की घटना भी हुई। भोला देवी ने आरोप लगाया है कि उनके गले से चांदी की चैन भी छीनी गई, जिसकी कीमत लगभग दस हजार रुपये बताई गई है।
घटना के बाद शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। जाते समय कथित रूप से पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई। घायल लोगों को पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महिषी ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सदर अस्पताल सहरसा रेफर कर दिया गया। फिलहाल सभी घायलों का इलाज जारी बताया जा रहा है।
परिवार का कहना है कि आवेदन देने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई हुई है। इससे शिव शंकर के परिवार समेत पूरे पीड़ित पक्ष में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कभी भी बड़ी अनहोनी हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। फिलहाल पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
