बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के दुबहर क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां करीब 70 वर्षों से चला आ रहा सामूहिक रास्ता दबंगों द्वारा बंद कर दिया गया है। इस रास्ते के बंद होने से पूरे गांव के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं एक परिवार की खुशियों पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
ग्राम दूबहर निवासी प्रेमचंद यादव ने जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि मोतीलाल राजभर के घर से नूनू बाबा के स्थान तक जाने वाला पुराना कच्चा रास्ता गांव के लिए जीवनरेखा था। इसी रास्ते से ग्रामीणों का आवागमन, बीमारों को अस्पताल ले जाना और अंतिम संस्कार तक के लिए शव यात्रा निकलती थी।
शिकायत में बताया गया है कि ग्राम प्रधान द्वारा इस रास्ते को सुधारने के लिए मिट्टी डाली गई थी, लेकिन कुछ लोगों ने आपत्ति जताते हुए दबंगई के बल पर रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया। स्थिति यह हो गई है कि अब ग्रामीणों को लगभग 4 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाकर आना-जाना पड़ रहा है।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि प्रेमचंद यादव के घर में बेटी की शादी 21 अप्रैल 2026 तय है और बारात आने वाली है। ऐसे में रास्ता बंद होने के कारण बारातियों को भी लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा, जिससे परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा और आयोजन पर असर पड़ सकता है। परिवार ने शादी का निमंत्रण पत्र भी साझा करते हुए प्रशासन से गुहार लगाई है कि समय रहते रास्ता खुलवाया जाए, ताकि बेटी की विदाई सम्मानपूर्वक हो सके।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे दबंगों के हौसले और बुलंद हो गए हैं। गांव में आक्रोश का माहौल है और लोग प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
प्रेमचंद यादव ने प्रशासन से अपील की है कि सामूहिक रास्ते को जल्द से जल्द खाली कराया जाए और पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर कब तक संज्ञान लेकर कार्रवाई करता है, क्योंकि एक ओर जहां गांव के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर एक बेटी की शादी की खुशियां भी इस विवाद की भेंट चढ़ती नजर आ रही हैं।
