गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता द्वारा अपने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता शालू ने थाना लोनी बॉर्डर में दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा और उसके साथ लगातार मारपीट की जाती रही।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शालू की शादी मई 2025 में आकाश नामक युवक से हुई थी। पीड़िता का आरोप है कि शादी के शुरुआती दिनों के बाद ही उसके पति, सास, ससुर, ननद और देवर का व्यवहार बदल गया तथा सभी ने मिलकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। महिला का कहना है कि दहेज की मांग को लेकर उसे कई बार अपमानित किया गया और उसके साथ मारपीट की गई।
शिकायत में पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके पति का विवाह के बाद किसी अन्य युवती के साथ संबंध है। महिला के अनुसार उक्त युवती उसके ससुराल के सामने ही रहती है और इस कारण पारिवारिक विवाद लगातार बढ़ता गया। पीड़िता का दावा है कि जब उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ और अधिक दुर्व्यवहार किया गया।
महिला ने अपने प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि शादी के समय उसके मायके पक्ष द्वारा दिए गए सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान ससुराल पक्ष ने अपने कब्जे में रख लिए। आरोप है कि कुछ आभूषणों को बेच भी दिया गया। पीड़िता का कहना है कि उसे उसके स्त्रीधन से भी वंचित कर दिया गया है।
शालू का आरोप है कि प्रताड़ना का सिलसिला बढ़ने के बाद अंततः ससुराल पक्ष ने उसे घर से निकाल दिया, जिसके बाद वह अपने माता-पिता के घर रहने को मजबूर है। पीड़िता ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। पुलिस को दिए गए शिकायत पत्र के आधार पर मामले की जांच शुरू किए जाने की संभावना है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से किसी कार्रवाई या एफआईआर दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट, स्त्रीधन हड़पने तथा अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
