भुवनेश्वर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आपके भी होश उड़ जाएंगे। यहां एक ही नंबर प्लेट वाली दो कारें देखने को मिलीं। हैरानी की बात ये है कि दोनों कारें एक जैसी ही दिख रही हैं और दोनों के मालिक भी एक ही पेशे से जुड़े हैं।
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में कार के रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि एक डॉक्टर दूसरे वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर अपनी कार पर लगाकर लंबे समय से राजधानी में बेखौफ घूम रहा था। मामले का खुलासा असली वाहन मालिक के ड्राइवर की शिकायत के बाद हुआ। शिकायत मिलने के बाद चंद्रशेखरपुर थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित कार को जब्त कर लिया। साथ ही आरोपी डॉक्टर को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
दोनों कारों पर एक ही नंबर प्लेट
जानकारी के मुताबिक, OD-02-DL-3332 नंबर असल में किसी दूसरे व्यक्ति की कार का रजिस्ट्रेशन नंबर है, लेकिन इसी नंबर का इस्तेमाल उसी कंपनी और उसी रंग की एक दूसरी कार पर किया जा रहा था। आरोप है कि इस फर्जी नंबर प्लेट के साथ यह कार लंबे समय से राजधानी की सड़कों पर चल रही थी। मामले की जानकारी तब सामने आई जब वाहन के वास्तविक मालिक के ड्राइवर का सामना नकली प्लेट वाली गाड़ी से हो गया। पेट्रोल पंप पर नकली नंबर प्लेट वाली गाड़ी को देखने के बाद ड्राइवर ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और संबंधित वाहन को अपने कब्जे में ले लिया।
कार ड्राइवर ने की पहचान
असली कार मालिक के ड्राइवर नीलकंठ साहू ने कहा, “नकली नंबर प्लेट वाली गाड़ी चंद्रशेखर पेट्रोल पंप में गलत दिशा से घुस रहे थे, तभी मैंने देखा कि उस गाड़ी पर लगा नंबर प्लेट हमारे डॉक्टर सर की गाड़ी का है। इसके बाद मैंने डॉक्टर सर को फोन लगाया और उनसे पूछा कि क्या वे भुवनेश्वर में है? यह गुरुवार विजिट पर जाते हैं क्योंकि वह एक डॉक्टर हैं। मैं जब सर को पूछा तो उन्होंने कहा कि वे चांदबाली में हैं। इसके बाद मैंने सर को बताया कि उनकी गाड़ी के नंबर प्लेट वाली एक और गाड़ी भुवनेश्वर के चंद्रशेकरपुर पेट्रोल पंप में घूम रही है। पहले पहले तो सर को विश्वास नहीं हुआ और उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता क्योंकि वह अभी चांद बाली में है और उनके साथ उनकी गाड़ी है। इसके बाद हमने नकली नंबर प्लेट वाली गाड़ी का पीछा किया और उसे चंद्रशेकरपुर थाने लेकर आए हैं। आरोपी भी एक डॉक्टर हैं और उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और पूछताछ कर रही है। आरोपी डॉक्टर की क्लीनिक सैलश्री विहार में है।”
पुलिस ने कार को किया जब्त
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कार पर दूसरे वाहन का नंबर क्यों लगाया गया था, फर्जी नंबर प्लेट कब से इस्तेमाल की जा रही थी और इसके पीछे क्या उद्देश्य था। इसके साथ ही नंबर प्लेट की कथित जालसाजी और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और डॉक्टर से पूछताछ जारी है। (इनपुट- शुभम कुमार)
