लालू यादव के बड़े बेटे तेज और जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव और उनकी कथित गर्लफ्रेंड अनुष्का यादव के रिलेशन को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। अब अनुष्का के भाई आकाश यादव ने तेज प्रताप के खिलाफ पटना की कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया है। आकाश ने आरोप लगाया है कि वो अनुष्का यादव की बेटी ‘उज्जैनी’ से मिलने घर में जबरन घुस आए और धमकी दी। आकाश के अनुसार उसने थाने में FIR के लिए आवेदन दिया था लेकिन FIR दर्ज नहीं की गई। FIR दर्ज नहीं होने पर उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
बता दें कि अनुष्का यादव ने 5 फरवरी को बेटी उज्जैनी को जन्म दिया था। आकाश का आरोप है कि उज्जैनी समेत उनका परिवार खतरा महसूस कर रहा है। जिस रात तेज प्रताप जबरन उसके घर में घुस आये थे उसी रात खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का आदमी बताकर एक आदमी ने उन्हें विदेश से फोन करके धमकी दी थी।
‘टॉयलेट जाने का बहाना करके घर में घुसे, फिर नहीं निकले’
आकाश यादव ने अपनी शिकायत मे आरोप लगाया है कि जब वो 6 जून को राजस्थान में थे, तब रात में तेज प्रताप अपने PA मोतीलाल यादव के साथ जबरदस्ती उनके घर में घुस गए। आकाश ने कहा है कि तेज प्रताप अक्सर उनके घर जबरन आते रहते हैं और डर से वो उन्हें अंदर आने देते रहे हैं। आकाश ने आरोप लगाया है कि तेज प्रताप ने उसकी बहन की बच्ची उज्जैनी से मिलने के लिए जबरन घर में घुसने की कोशिश की। घर में मौजूद मां और बहन ने गेट नहीं खोला तो टॉयलेट जाने का बहाना करके घर में घुसे और फिर नहीं निकले।
‘उज्जैनी का अपहरण करवाने की दी धमकी’
घटना की जानकारी मिलने पर आकाश ने ज़ब PA मोतीलाल के माध्यम से तेज प्रताप से बात की तो तेज प्रताप ने उन्हें धमकी देते हुए कहा कि उज्जैनी से मिलने से रोका तो भांजी का अपहरण करवा देंगे। कुछ देर बाद फिर मोतीलाल ने फोन करके इस घटना और बातचीत को गोपनीय रखने की हिदायत दी। आकाश के मुताबिक इसके बाद एक विदेशी नंबर से खुद को लॉरेंस बिश्नोई का आदमी बताने वाले आदमी का फोन विदेशी नंबर से आया और तेज प्रताप के खिलाफ पुलिस में जाने पर गोली मारने की धमकी दी गई। इस घटना के बारे मे आकाश ने पाटलिपुत्र थाने को 10 जून को शिकायत दी थी, लेकिन FIR नहीं ली गई। इसके बाद आकाश ने कोर्ट में नालिसी केस दायर किया।
तेज प्रताप ने क्या कहा?
वहीं, इस मामले के सामने आने के बाद तेज प्रताप यादव ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने X पर लिखा है, ”यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस व्यक्ति को उसके अभद्र, अपमानजनक, धमकीपूर्ण एवं असामाजिक व्यवहार के संबंध में विधिवत कानूनी नोटिस भेजा गया, उसने अपनी गलती स्वीकार करने या खेद व्यक्त करने के बजाय प्रतिशोध की भावना से प्रेरित होकर मेरे विरुद्ध एक झूठी एवं मनगढ़ंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने का प्रयास किया है। तेज प्रताप यादव एक्स पर आगे लिखते हैं कि यह स्पष्ट रूप से मेरी सार्वजनिक छवि, सामाजिक प्रतिष्ठा और वर्षों से अर्जित जनविश्वास को धूमिल करने का एक सुनियोजित प्रयास प्रतीत होता है।”
